ब्यूरो/ऋषिकेश। उत्तराखंड परिवहन निगम की ऋषिकेश स्थित वर्कशॉप में डीजल पंप खोलने को लेकर एचआरडीए अड़ंगा लगाया हुआ है। प्राधिकरण निगम को डीजल पंप लगाने के लिए एनओसी देने को तैयार नहीं है। लिहाजा, निगम की बसों के लिए निजी पंप से डीजल खरीदा जा रहा है, जिससे निगम को रोजाना करीब 10 हजार रुपये का नुकसान झेलना पड़ रहा है।
देहरादून-ऋषिकेश मार्ग स्थित शहीद स्मारक चौक के समीप परिवहन निगम ने वर्ष 2012-13 में वर्कशॉप स्थापित की थी, जिसमें निगम की बसों के लिए डीजल पंप खोलने के बाबत विभिन्न विभागों से एनओसी मांगी गई थी। हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण ने निगम को सिर्फ यह कहकर एनओसी देने से इनकार कर दिया कि संबंधित इलाका कुंभ मेला क्षेत्र में है, जिसमें डीजल पंप के लिए अनुमति नहीं दी जा सकती है।
खास बात यह है कि वर्कशॉप स्थापित होने के करीब साल भर बाद शहर के बीचोंबीच एक नया पेट्रोल पंप खुला और जिस स्थान पर निगम की वर्कशॉप है, उसके ठीक सामने दून मार्ग के दूसरी ओर पहले से ही एक निजी पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा है। बावजूद इसके आखिर प्राधिकरण परिवहन निगम को डीजल पंप के लिए एनओसी क्यों नहीं जारी कर रहा है, यह समझ से परे है।
हालांकि, डीजल पंप का मामला प्राधिकरण की ओर से सचिवालय भेजा गया है। और निगम के अधिकारी संबंधित अधिकारियों के सामने पक्ष रख चुके हैं, मगर अभी तक डीजल पंप के लिए एनओसी जारी नहीं की गई है। नतीजतन, निगम के ऋषिकेश डिपो की बसों के लिए निजी पंप से रोजाना करीब पांच हजार लीटर डीजल खरीदा जा रहा है, जोकि मार्केट रेट के आधार पर क्रय हो रहा है। जबकि निगम के पंप से डीजल की खरीद पर प्रति लीटर एक से दो रुपये तक कम लागत आएगी। ऐसे में एचआरडीए की मनमानी से निगम को रोजाना करीब 10 हजार रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कहीं फायदा पहुंचाने का तो नहीं खेल
हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण शहर के बीचोंबीच घनी आबादी में पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी कर रहा है। इसके साथ ही परिवहन निगम की वर्कशॉप के ठीक सामने पहले से ही पेट्रोल पंप का संचालन किया जा रहा है, लेकिन निगम को कुंभ क्षेत्र का तर्क देकर प्राधिकरण एनओसी जारी नहीं कर रहा है। सूत्रों का दावा है कि निजी पंप संचालकों को फायदा पहुंचाने के लिए प्राधिकरण के अधिकारी अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने में आनाकानी कर रहे हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीजल पंप खोलने के लिए एचआरडीए से अनुमति मांगी गई है लेकिन अभी तक प्राधिकरण ने एनओसी जारी नहीं की है। इस बाबत निगम और प्राधिकरण के अधिकारियों से लगातार पत्राचार किया जा रहा है। जल्द पंप खुलने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
- पीके भारती, एजीएम, परिवहन निगम
निगम की वर्कशॉप का भूमि उपयोग परिवर्तन होना है। इस बाबत प्राधिकरण के बोर्ड ने प्रस्ताव का अनुमोदन कर पत्र आवास विभाग को भेजा है। विभाग से लैंड यूज चेंज होने के बाद निगम को डीजल पंप के लिए एनओसी जारी की जाएगी।
- वंशीधर तिवारी, सचिव, एचआरडीए