ब्यूरो/ऋषिकेश। पौड़ी जिले के पांच दर्जन गांवों की लाइफ लाइन बैराज-चीला-हरिद्वार रोड बदहाल है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही मार्ग से हरिद्वार और ऋषिकेश आने-जाने वाले तीर्थयात्री भी जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर हैं। बावजूद जिम्मेदार महकमे सड़क की हालत दुरुस्त करने को तैयार नहीं दिख रहे।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष और गंगाभोगपुर के प्रधान प्यारेलाल रणाकोटी ने बताया कि ग्राम पंचायत ने क्षेत्रीय विकास के मद्देनजर चीला शक्ति नहर के लिए सरकार को भूमि उपलब्ध कराई थी, इसके एवज में ग्रामीणों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का वायदा किया गया था। इसके बावजूद अन्य जन सुविधाएं तो दूर, सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की लाइफ लाइन बैराज-चीला-हरिद्वार रोड की मरम्मत तक नहीं कराई जा रही है।
बताया कि मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें अक्सर दुपहिया वाहन सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मार्ग से ऋषिकेश और हरिद्वार आने-जाने वाले पर्यटकों और निजी वाहन से यात्रा करने वाले लोगों को गड्ढों की वजह से जान का खतरा बना रहता है। रणाकोटी ने बताया कि इस बाबत संबंधित अधिकारियों को कई दफा मौखिक तौर पर अवगत कराया जा चुका है, मगर मार्ग की खराब हालत की ओर गौर नहीं किया जा रहा।
इन गांवों के लोग हैं परेशान
ऋषिकेश। बैराज-चील-हरिद्वार रोड पर गंगाभोगपुर, किमसार, तल्ला बणास, मल्ला बणास, धारकोट, रामजीवाला समेत दर्जनों गांव निर्भर हैं। इसके अलावा तालघाटी के कई गांवों के लोग भी इसी सड़क से सफर करते हैं। देसी-विदेशी पर्यटक भी हरिद्वार से ऋषिकेश आने-जाने के दौरान जाम से बचने के लिए चीला-बैराज रोड का ही इस्तेमाल करते हैं।
मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क प्रभावित संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्यारेलाल रणाकोटी ने शुक्रवार को सड़क को दुरुस्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर उत्तराखंड जल विद्युत निगम के कार्यालय में तालाबंदी की चेेतावनी दी है। ज्ञापन भेजने वालों में समिति के महासचिव बचन सिंह बिष्ट, गंगाभोगपुर तल्ला के उप प्रधान सतेंद्र चौधरी, संदीप रणाकोटी, रामेश्वरी देवी, किश्नी देवी, सूमा देवी, उर्मिला देवी आदि शामिल थे।
क्या कहते हैं अधिकारी
उक्त मार्ग चीला शक्तिनहर की सर्विस रोड है, मगर मार्ग निगम को ट्रांसफर नहीं हो पाया था। लिहाजा फिलहाल इस मार्ग के रखरखाव का जिम्मा परियोजना खंड सिंचाई विभाग के अंतर्गत है। बजट की कमी के चलते रोड का मरम्मत कार्य लंबित है। सड़क की मरम्मत के लिए पर्यटन विभाग और कुंभ मेला-2021 प्रशासन को भी प्रस्ताव भेजा गया है।
- विजय पाल कैंतुरा, एसडीओ, परियोजना खंड, सिंचाई विभाग।