ब्यूरो/अमर उजाला/कालसी।
पशु प्रजनन प्रक्षेत्र कालसी के कोटी रोड स्थित प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित प्रशिक्षण शिविर में पशुपालकों को उन्नत पशु संवर्धन के बारे में जानकारी दी गई। आतमा परियोजना(एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी मैनेजमेंट एजेंसी) के तहत आयोजित प्रशिक्षण शिविर में पौड़ी जिले के 30 प्रगतिशील पशुपालक प्रतिभाग कर रहे हैं।
मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र ढकरानी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने पशुपालकों को पर्वतीय क्षेत्रों में चारा प्रबंधन और चारा घासों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहाड़ी अंचलों में कई प्रकार की घास मिलती हैं। जिनका इस्तेमाल पशुओं के लिए चारा के रूप में किया जा सकता है। पशुपालकों ने केंद्र का भी भ्रमण किया। परियोजना निदेशक डॉ. प्रेम कुमार ने प्रक्षेत्र में चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एपीएस असवाल ने पशुपालकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. भरत ढौंढियाल, डॉ. ओम प्रकाश, डॉ. अमित देवराड़ी, डॉ. मृदुला तिवाड़ी आदि मौजूद रहे।