कर्णप्रयाग। स्थायी राजधानी, महंगाई सहित रोजगार आदि मांगों को लेकर कांग्रेस विधानसभा सत्र के पहले दिन 20 मार्च को विधानसभा का घेराव करेगी।
विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी ने कहा कि गैरसैंण के रामलीला मैदान में 48 दिनों से लोग स्थायी राजधानी को लेकर अनशन पर हैं, लेकिन सरकार की ओर से अनशनकारियों की कोई सुध नहीं ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन आंदोलनकारियों का उत्पीड़न कर रहा है। गैरसैंण राजधानी आंदोलन को समर्थन देते हुए डा. मैखुरी ने कहा कि केंद्र सरकार महंगाई को नियंत्रण करने में नाकाम होने साथ ही युवाओं को रोजगार भी नहीं दे पा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर किसान तो प्रदेश स्तर पर साधन सहकारी समिति के सचिव, बेरोजगार, आंकिक कर्मी, पटवारी संवर्ग के कर्मी हड़ताल पर हैं। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत, ब्लाक अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सगोई ने कहा कि गैरसैंण में राजधानी का स्ट्रक्चर कांग्रेस ने तैयार किया है। अब राजधानी के लिए भी कांग्रेस आरपार की लड़ाई लड़ेगी।
स्थायी राजधानी के लिए आंदोलन जारी
गैरसैंण। प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण को घोषित किए जाने की मांग का लेकर रामलीला मैदान में अनशनकारी खीम सिंह रौथाण का आमरण अनशन मंगलवार को नवें दिन भी जारी रहा। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान अनशनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट दर्ज की गई। रविवार तक अनशनकारी का साढ़े पांच किलो वजन कम हुआ था मंगलवार और वजन में आधा किलो और गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को गुरिल्ला संगठन ने भी राजधानी आंदोलन को समर्थन दिया।
गुरिल्ला संगठन के अध्यक्ष रणजीत शाह ने कहा यदि प्रशासन ने अनशनकारी को उठाने का जबरन प्रयास किया तो वो अपने समर्थकों के साथ आमरण अनशन शुरू कर देंगे। इस दौरान आंदोलनकारियों ने रामलीला मैदान में गैरसैंण राजधानी के पक्ष में जमकर नारेबाजी। मंगलवार को समर्थन में धनीराम, सुरेंद्र सिंह बिष्ट, लक्ष्मण पंवार, वीरेंद्र प्रसाद जोशी, मंजू बिष्ट, कमला पंवार, कृष्णा नेगी, जसवंत , देवेंद्र, नंदन नेगी, नेत्र सिंह गुर्साइं, प्रभास कुमार, सुरेंद्र रावत, वैशाली, लक्ष्मण सिंह और पूरन सिंह नेगी आदि बैठे।