गैरसैंण। गैरसैंण को प्रदेश की स्थायी राजधानी घोषित किए जाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में आंदोलनकारियों का अनशन 46वें दिन भी जारी रहा। सोमवार सुबह तहसीलदार के नेतृत्व में प्रशासन की टीम अनशनकारी को उठाने पहुंची थी, लेकिन आंदोलनकारियों के विरोध के चलते टीम को बैरंग लौटना पड़ा। धरने पर बैठे आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी के पक्ष में जमकर नारेबाजी की।
अनशन के छठे दौर में धरने पर बैठे खीम सिंह रौथाण का अनशन 8वें दिन सोमवार को भी जारी रहा। अनशनकारी के स्वास्थ्य में गिरावट को देखते हुए सोमवार सुबह करीब पांच बजे तहसीलदार डीएल मैठाणी प्रशासन की टीम लेकर अनशन स्थल पहुंचे। तहसीलदार ने अनशनकारी को स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देते हुए अस्पताल में भर्ती होने की बात कही, लेकिन अनशनकारी और आंदोलनकारियों ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। इस दौरान आंदोलनकारियों ने गैरसैंण राजधानी के पक्ष में और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलनकारियों के नहीं मानने पर प्रशासन की टीम को बैरंग लौटना पड़ा। इस दौरान देवेंद्र सिंह, जसवंत सिंह, नंदन नेगी, महामंत्री धनी राम, मंजू बिष्ट, पूरन सिंह नेगी, सुरेंद्र सिंह रावत, कमला पंवार, सरोज शाह, कृष्णा नेगी, जसवंत सिह , हनीफ सलमानी, रामप्रसाद उप्रेती, नंदन सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह, सुरेंद्र सिंह रावत, बलवंत सिंह, प्रभाष कुमार, वैशाली देवी, मोहन राम टम्टा, लक्ष्मण खत्री आदि धरने पर बैठे।