देवाल। ब्लाक के झलिया गांव में आपदा से नुकसान की सूचना मिलने के 24 घंटे बाद तहसील की टीम झलिया गांव के लिए रवाना हुई। प्रशासन की इस लापरवाही से तहसील में गठित आईआरएस (इंसीडेट रिस्पांस सिस्टम) की पोल भी खुल गई है।
जिला पंचायत राजेंद्र दानू ने बताया कि 10 मार्च की रात्रि से झलिया गांव के पास की पहाड़ी लगातार टूट रही है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना रविवार को 11 बजे जिला और तहसील प्रशासन को दे दी थी। पहाड़ के दरकने से लगातार मलबा और पत्थर आने से गांव को खतरा बना है। दो घरों में मलबा घुस गया है। गांव वाले छानियों में चले गए हैं, लेकिन सूचना के बाद भी तहसील में गठित आईआरएस टीम बेखबर बनी रही। प्रशासन की टीम सूचना के 24 घंटे बाद गांव के लिए रवाना हुई। तहसीलदार माणिक लाल भेंतवाल ने बताया कि पटवारी हड़ताल पर हैं, जिसके चलते सोमवार को नायब तहसीलदार के नेतृत्व में टीम रवाना हो गई है जो देर शाम को मौके पर पहुंची है। टीम के लौटने के बाद ही सही स्थति का पता चलेगा। तहसीलदार ने बताया कि पहाड़ के टूटने की खबर ग्राम प्रहरी द्वारा भी दी गई, लेकिन ज्यादा नुकसान झलिया के पास बागेश्वर जिले के कुंवारी गांव में बताया जा रहा है।