श्रीनगर। गैरसैंण स्थायी राजधानी की मांग को लेकर अनशन कर रहे संजय घिल्डियाल और प्रवीण कुमार की फोर्स फीडिंग न किए जाने पर प्रशासन व बेस अस्पताल प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन ने शनिवार देर रात अनशनकारियों को फोर्स फीडिंग के लिए बेस अस्पताल में भर्ती किया था, लेकिन यहां अनशनकारियों की फोर्स फीडिंग नहीं हो पाई। अब अस्पताल प्रबंधन व प्रशासन एक दूसरे पर सहयोग न करने का आरोप लगा रहे हैं। एसडीएम ने इस संबंध में अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित किए जाने की मांग के लिए संजय घिल्डियाल और प्रवीण सिंह विगत नौ दिनों से अनशन कर रहे हैं। शनिवार रात करीब 12 बजे तहसील और पुलिस प्रशासन ने दोनों अनशनकारियों को उठाकर बेस अस्पताल में भर्ती कराया। एसडीएम ने अस्पताल प्रबंधन को अनशनकारियों की फोर्स फीडिंग कराए जाने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन अनशनकारियों की फोर्स फीडिंग नहीं हो पाई। इस मामले में अब प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं। बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डा. सुरेश जैन का कहना है कि प्रशासन से सहयोग न मिलने के कारण अनशनकारियों की फोर्स फीडिंग नहीं हो पाई। दूसरी ओर एसडीएम मायादत्त जोशी का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन ने आपातकालीन वार्ड से मौके पर मौजूद प्रशासन को यह कहकर बाहर कर दिया था कि यहां भीड़ हो रही है, जबकि अस्पताल में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। एसडीएम ने बताया कि फोर्स फीडिंग न होने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
फिर बैठे अनशन पर
श्रीनगर। रविवार तड़के अनशनकारी फिर गोला पार्क में अनशन पर बैठ गए हैं। अनशनकारियों ने प्रशासन पर आंदोलन को कुचलने का आरोप लगाया है। शनिवार देर रात प्रशासन ने आंदोलनकारियों के तंबू को भी उखाड़ दिया था, हालांकि अनशनकारियों ने रविवार को गोला पार्क में फिर तंबू गाड़ दिया है। ब्यूरो