ब्यूरो/ऋषिकेश। विश्व में तीर्थनगरी ऋषिकेश को आध्यात्मिक पर्यटन के तौर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से देश का पहला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल मुनिकीरेती में आयोजित किया जाएगा। फेस्टिवल में आध्यात्म विषय से जुड़ी दुनियाभर की 30 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही विभिन्न देशों से करीब 40 फिल्म निर्माता भी महोत्सव में शिरकत करेंगे।
मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिसोर्ट विश्रामगृह में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में फेस्टिवल के आयोजक तेजस्वी गिरि ने बताया कि प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज सोमवार को ऋषिकेश इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल का विधिवत शुभारंभ करेंगे। सात दिवसीय फिल्म फेस्टिवल में विभिन्न देशों की आध्यात्म पर आधारित 30 फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही रोजाना सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें कत्थक और पहाड़ी लोकनृत्य आदि शामिल हैं।
फेस्टिवल की थीम आध्यात्म पर आधारित है। इस आयोजन का उद्देश्य ऋषिकेश को विश्व पटल पर आध्यात्मिक पर्यटन के तौर पर प्रचारित और प्रसारित करना है। गिरि ने बताया कि 16 मार्च को फेस्टिवल में महर्षि महेश योगी से जुड़ी ‘ह्वट इज महर्षि फॉर दि वैदिक साइंस’ फिल्म का भी प्रदर्शन किया जाएगा। गो स्प्रीचुअल इंडिया के संस्थापक सोनू त्यागी ने बताया कि आयोजन में राज्य सूचना विभाग, यूटीडीबी, जीएमवीएन, फिल्म डिवीजन मुंबई, डॉयरेक्टारेट ऑफ फिल्म फेस्टिवल के साथ ही करीब पांच निजी संस्थाएं सहयोग कर रही हैं। देश में पहली बार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव में अमेरिका से फिल्म निर्माता डॉ. कमाला इस्टन, डॉ. अनिको कॉपरोजो, डॉ. जॉन कॉनहोस, इंग्लैंड से डॉ. फ्रेंक फर्ड, पोलैंड से डॉ. डेविड, भारत से डॉ. राकेश अग्रवाल, दीपक अंथवाल, मधुकर, भाविनी कलान, मुकेश गिरि महाराज आदि मौजूद रहेंगे।