श्रीनगर। श्रीकोट शिव मंदिर मार्ग से खनन पट्टे के रास्ते को बंद कराने की मांग के लिए बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष इंदू वशिष्ठ एसडीएम कार्यालय में धरने पर बैठ गई। एसडीएम और तहसीलदार के कई बार समझाने के बावजूद वह नहीं मानी। उन्होंने ट्रकों की आवाजाही से स्कूली बच्चों सहित स्थानीय निवासियों को खतरा बताया।
अलकनंदा नदी में आरबीएम (खनन सामग्री) उठाने के लिए टिहरी जिला प्रशासन की सीमा में पट्टा स्वीकृत हुआ है। खनन सामग्री ढो रहे ट्रक नदी में जाने के लिए पौड़ी जिले की सीमा में श्रीकोट- शिव मंदिर मार्ग का प्रयोग कर रहे हैं, जिस पर स्थानीय निवासियों को आपत्ति है। क्योंकि मार्ग बहुत संकरा है और यहां स्कूल स्थित है। पूर्व में भी यहां विवाद की स्थिति हो चुकी है। शनिवार को बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष इंदू वशिष्ठ ने ट्रकों को रोक दिया। इस पर श्रीकोट चौकी पुलिस ने उनसे रास्ता न रोकने का अनुरोध कर रास्ते पर ट्रकों की आवाजाही रोकने के लिए एसडीएम से लिखित में लाने के लिए कहा, जिस पर अपराह्न 1 बजे वह एसडीएम दफ्तर पहुंची। अवकाश होने की वजह से एसडीएम घर में थे। वशिष्ठ का आरोप है कि अनुरोध के बावजूद एसडीएम उनसे वार्ता करने नहीं आए। शाम लगभग पौने छह बजे एसडीएम मायादत्त जोशी और तहसीलदार सुनील राज उनसे वार्ता करने पहुंचे। उन्होंने लिखित में शिकायत देने को कहा। वशिष्ठ ने कहा कि प्रशासन के अधिकारी खुद भी मौके पर जाए और उनकी समस्याओं को समझे। हालांकि छह बजे बाद वशिष्ठ धरने से उठ गई।
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मैंने पुलिस को कोई पत्र नहीं दिया है। यदि दिया भी होगा, तो नियमानुसार दिया होगा। क्योंकि रास्ता वैध है। उसमें गतिरोध नहीं किया जा सकता है। अलबत्ता महिला को लिखित में शिकायत देने को कहा गया, लेकिन वह पत्र नहीं दे रही हैं। मायादत्त जोशी, एसडीएम श्रीनगर