गैरसैंण। महापंचायत में आंदोलन को तेज करने के लिए केंद्रीय कमेटी (प्रदेश स्तरीय) के गठन के साथ ही प्रदेश के पांच जिलों में समिति के प्रभारियों की नियुक्ति कर ली गई। इसके लिए लिए नैनीताल के राजीव लोचन शाह को समिति का संरक्षक और चारु तिवारी को केंद्रीय समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया।
आंदोलन को तेज करने के लिए विभिन्न स्थानों पर समितियों का गठन करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आंदोलन को प्रदेश व्यापी बनाने के लिए केंद्रीय संघर्ष समिति का गठन किया गया। बैठक में चारु तिवारी मूल निवासी अल्मोड़ा (फिलहाल दिल्ली निवासी) को केंद्रीय संघर्ष समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया तो राजीव लोचन शाह को समिति का संरक्षक बनाया गया। चारु तिवारी ने कहा कि पहाड़ों को नवजीवन देने के लिए संघर्ष करना होगा। जिलों में आंदोलन की शुरुआत करने के लिए जिला प्रभारियों की नियुक्ति की गई, जिसमें पौड़ी के लिए मनीष सुंदरियाल, अल्मोड़ा के लिए गजेंद्र सिंह नेगी, देहरादून के लिए ऊषा भट्ट और सुधीर बडोला, नैनीताल के लिए संतोष कबड़वाल तथा चमोली के लिए नारायण सिंह बिष्ट को प्रभारी बनाया गया। निर्णय लिया गया कि महारैली के सफल आयोजन के बाद ग्राम स्तर तक राजधानी आंदोलन किया जाएगा। गैरसैंण की राज्य आंदोलनकारी धूमा देवी ने युवाओं का आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। महापंचायत में दिल्ली से अतुल देवरानी, उत्तराखंड महिला मंच देहरादून से सुमन नेगी, कमलेश्वरी बडोला, कमलेश देवी, गीता गैरोला, बिमला, द्वारहाट से प्रकाश जोशी, अल्मोड़ा अमीनुर्रहमानश, गजेंद्र सिंह नेगी, रुद्रप्रयाग से शिव सिंह नेगी, राकेश नेगी, मोहित डिमरी, केपी ढोंडियाल, थराली के हरीश पंत, नारायणबगड़ में एमडी चंदोला, प्रमुख अंशी नेगी, देवाल की उर्मिला बिष्ट, गैरसैंण की सुमति बिष्ट, कर्णप्रयाग के राजेंद्र सिंह सगोई सहित तीन सौ से अधिक लोग मौजूद थे।