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योग आफ लव और भक्ति योग की दी शिक्षा

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योग आफ लव और भक्ति योग की दी शिक्षा
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ब्यूरो/अमर उजाला
मुनिकीरेती । परमार्थ निकेतन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव के पांचवें दिन योग, ध्यान की विभिन्न कक्षाओं का संचालन किया गया। इस दौरान योग विशेषज्ञों व योगाचार्यों ने देसी-विदेशी जिज्ञासुओं, साधकों को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का अभ्यास कराया। सोमवार को आश्रम परिसर में प्रात:कालीन सत्र में ब्राजील के योगाचार्य प्रेम बाबा ने साधकों को योग ऑफ लव और राधानाथ स्वामी ने भक्ति योग की जानकारी दी। अमेरिका से आए योगाचार्य गुरुशब्द सिंह ने जिज्ञासुओं को कुंडलिनी योग का अभ्यास कराया। परमार्थ निकेतन की योगाचार्य साध्वी आभा सरस्वती ने पारंपरिक हठयोग, योगाचार्य भावनी कलान ने मेटाफ्लो और नमस्कार योग की शिक्षा दी।
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महोत्सव में योगऋषि विश्वकेतु ने समग्र योग यात्रा के माध्यम से जिज्ञासु साधकों को बताया कि योग कोई कसरत नहीं बल्कि यह हमारा असली स्वभाव है। बताया कि योगाभ्यास मनुष्य को योग्य, निडर और आनंद प्रदान करता है। चीन से आए भारतीय मूल के योगाचार्य मोहन भंडारी ने गंगातट पर साधकों को सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया। डॉ. शिवा ने योग और पर्यावरण संरक्षण की जानकारी दी और हनुमान चालीसा पर व्याख्यान दिया। अंजना भगत ने अरोमाथेरेपी के माध्यम से ऊर्जा केंद्रों को संतुलित करने की जानकारी दी। इस मौके पर योगाचार्यों ने कहा कि किसी भी सकारात्मक परिवर्तन के लिए सामूहिक शक्ति की आवश्यकता होती है, जोकि समकालीन योगियों के पास है। बताया गया कि अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव योग को आगे बढ़ाने और दुनिया को बदलने के लिए सभी को एकजुट होकर इस अभियान को गति देनी होगी।
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