देवाल। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना की ओर से एक दशक पूर्व बनाई गई घेस-हिमनी सड़क अब भी वाहनों के चलने लायक नहीं है। परिवहन विभाग की रिपोर्ट में इसे यातायात पास करने लायक नहीं समझा गया है। सहायक संभागीय अधिकारी ने सड़क पर 24 से अधिक आपत्तियां लगाकर सुधार किए जाने की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी है।
देवाल-सवाड़ मोटर मार्ग के कुनारबैंड से घेस-हिमनी के लिए बनाई गई साढ़े छब्बीस किमी सड़क निर्माण के बाद भी यातायात चलने लायक नहीं है। सड़क के निरीक्षण के दौरान सहायक संभागीय निरीक्षक अजय कुमार की रिपोर्ट के अनुसार चार किमी से लेकर 20 किमी तक कई जगह पैराफिट नहीं हैं तो रिटेनिंग वाल की मरम्मत, मलबा, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का ट्रीटमेंट होने सहित कई काम यहां होने बाकी हैं। कई जगह सड़क की चौड़ाई भी मानकोनुसार कम मिली है। ऐसे में निर्माण करने वाले विभाग की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। मुख्यमंत्री के घेस दौरे के दौरान ग्रामीणों ने इस सड़क को आरटीओ से पास कराने की मांग की थी, जिस पर परिवहन विभाग ने सड़क का निरीक्षण किया और रिपोर्ट तैयार की। गांव के सरपंच कुंदन सिंह ने कहा कि विभाग को जल्द सड़क की मरम्मत करनी चाहिए। इधर मामले में पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता प्रमोद गंगाड़ी का कहना है कि मार्ग कई जगह आपदा में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसकी मरम्मत के लिए शासन से 30 लाख मांगे गए, लेकिन 8 लाख ही मिल पाए। कम धनराशि में काम पूरा नहीं हो पाया। परिवहन विभाग की रिपोर्ट में 24 बिंदुओं की खामियों को मई माह तक दूर किया जा सकेगा।