ब्यूरो/ऋषिकेश। रंगों व भाईचारे का त्योहार होली तीर्थनगरी और आसपास के क्षेत्रों में धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान लोगों ने एक-दूसरे को अबीर, गुलाल लगाकर हर्षोल्लास के साथ होली पर्व मनाया। इस दौरान घरों में पूजन के साथ ही विभिन्न पकवानों के साथ मेहमान नवाजी की गई। होली के त्योहार पर अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव में शामिल हो रहे लगभग 94 देशों के करीब 1500 योग साधकों ने परमार्थ निकेतन में प्रसिद्ध ड्रम वादक शिवमणी की थाप पर झूमकर ईको होली मनाई। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने कहा कि होली का त्योहार अनेकता में एकता का प्रतीक है।
योग महोत्सव की निदेशक डॉ. साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि विदेशों से आए योग साधक यहां आकर भारतीय संस्कृति को करीब से जान रहे हैं। उधर, मुनिकीरेती स्थित जीएमवीएन के गंगा रिजॉर्ट में योग साधकों ने योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण के साथ रंगों का त्योहार होली खेली। उन्होंने योग साधकों को होली मनाए जाने का कारण और महत्व बताया। वहीं, ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट, मुख्य बाजार, श्यामपुर, आईडीपीएल, रायवाला आदि स्थानों पर होली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान विभिन्न इलाकों में होलियारों के दलों ने लोगों को रंग बरसाकर सराबोर कर दिया। सड़कों पर निकलते होलियारों पर लोगों ने घरों की छतों से पिचकारी, बाल्टियों से रंग व पानी उड़ेलकर उन्हें तरबतर कर दिया।