ब्यूरो/डोईवाला। संस्कार भारती डोईवाला की ओर से होली पर्व के मौके पर आयोजित किए गए हास्य कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से वर्तमान व्यवस्थाओं पर तंज कसा। फूलों की होली में श्रोता पूरी तरह से सराबोर नजर आए। देहरादून रोड़ स्थित अग्रवाल धर्मशाला परिसर में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का शुभारंभ राज्य विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित करके किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज को उचित दिशा और दशा देने में सहायता देते है।
उन्होंने रचनाकारों को अपनी ओर से नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। विशिष्ट अतिथि युकां प्रदेश सचिव विक्रम सिंह नेगी और समाजसेवी रामेश्वर प्रसाद लोधी ने कहा कि होली पर्व सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। कवि श्रीकांत ने राष्ट्रभक्ति में रंगी माथे पर सिंदूर न पोछो, कवि किसलय क्रांतिकारी ने तिरंगा देखकर मुझे भगत सिंह याद आता है, कवयित्री सुरेखा हिंदुस्तानी ने अगर है आग का दरिया सामने तो उसे पार करना है, न रुकना और न झुकना है, से कलमकारों का दायित्व बोध कराया।
कवि रोशनलाल हरियाणवी ने मेरे जिगर का टुकड़ा ही जिगर के टुकड़े की प्रस्तुति से मॉ की पीड़ा का वर्णन किया। कवि राजकुमार उपाध्याय, रामबीर सिंह राहगीर , योगेश अग्रवाल, राघवेंद्र गौर और विजय आदि ने शानदार प्रस्तुतियों से वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष डबल सिंह भंडारी, संस्कार भारती डोईवाला अध्यक्ष ईश्वरचंद अग्रवाल, अश्वनी गुप्ता, राजबीर सिंह खत्री, हेमचंद लोहानी, केएन शर्मा, महेंद्र भारत, नरेंद्र गोयल, संपूर्णानंद थपलियाल, महेश गुप्ता, पुष्पा अग्रवाल, रमेशचंद डंडरियाल, ताराचंद अग्रवाल, आरडी पाल, राजेंद्र बडोनी, ओमप्रकाश कांबोज, संचित पांडेय और अरुण शर्मा आदि मौजूद रहे।