श्रीनगर। शहर क्षेत्र के सार्वजनिक पुस्तकालय की उपेक्षा पर स्थानीय निवासियों ने कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। पुस्तकालय भवन में सब रजिस्ट्रार कार्यालय संचालित किया जा रहा है, जबकि यहां मौजूद पुस्तकों को पोटलियों में रखा गया है।
नगर पालिका प्रशासनिक भवन के द्वितीय तल पर शहर क्षेत्र का सार्वजनिक पुस्तकालय स्थित था। सात वर्ष पूर्व पुस्तकालय कक्ष में सब रजिस्ट्रार कार्यालय स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे यहां पुस्तकालय का संचालन बंद हो गया। स्थानीय निवासी अरुण खुगशाल ने कहा कि एक ओर सरकार प्रत्येक पंचायत में पुस्तकालय की स्थापना की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक पुस्तकालयों की उपेक्षा की जा रही है। शहर के एक मात्र पुस्तकालय पर किसी अन्य विभाग ने कब्जा जमाया है। न तो स्थानीय प्रशासन और न ही पालिका प्रशासन पुस्तकालय के प्रति गंभीर है। खुगशाल ने कहा कि प्रशासन को जल्द पुस्तकालय भवन खाली करा कर यहां पुस्तकालय का संचालन कराना चाहिए, ताकि छात्रों, युवाओं और पुस्तक प्रेमियों को पुस्तकालय की सुविधा मिल सके।