ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
एम्स संस्थान में मंगलवार को पॉलिटिव केयर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कैंसर आदि असाध्य रोगों से ग्रस्त लोगों की देखभाल पर चर्चा की गई। एम्स प्रशासन ने ऐसे रोगियों के लिए अलग से स्टाफ की तैनाती की बात कही है। इस दौरान रोगियों की देखभाल के लिए टीम को विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
एम्स परिसर में मंगलवार को आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉ. रवि कांत ने किया। इसमें ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और स्विटजरलैंड से के चिकित्सा विशेषज्ञों ने शिरकत की। कार्यशाला के दौरान कैंसर, फेफड़े आदि रोगों की असाध्य अवस्था में दी जाने वाली चिकित्सकीय सहायता पर विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने बताया गया कि कैंसर जैसे रोग की अंतिम अवस्था में जब मरीज के बचने की कोई उम्मीद नहीं रहती है, उसका जीवन दुख और पीड़ा से भर जाने से जीने की इच्छा समाप्त हो जाती है। ऐसी स्थिति में परिजन भी मरीज को बोझ समझने लगते हैं। इस बाबत एम्स दिल्ली व सिंगापुर की लियन एशिया पैसिफिक हॉस्पिस नेटवर्क संस्था की ओर से देशभर में चिकित्सकों व नर्सिंग स्टाफ की टीम गठित की जा रही है। यह टीम इस तरह के मरीजों की मेडिकल व सामाजिक तौर पर देखभाल करेगी। इसके अलावा बीमारी के अंतिम अवस्था के मरीजों में दर्द निवारण, उनसे व्यवहार व उनके खानपान पर भी विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला के दौरान एम्स ऋषिकेश के डॉ. सुरेश शर्मा, डॉ. महेंद्र, डॉ. स्वीटी, वसंता कल्याणी व सिस्टर प्रियंका को प्रशिक्षित भी किया गया। कार्यशाला में एम्स के नर्सिंग डीन प्रोफेसर सुरेश शर्मा, ऑस्ट्रेलिया के डॉ. डेविड, डॉ. जोआन, डॉ. डोमनिक, इंग्लैंड के डॉ. कृष, डॉ. हेदी, डॉ. रथ, डॉ. लॉरी, डॉ. बेरन्डा आदि ने शिरकत की।