ब्यूरो/अमर उजाल/डोईवाला।
खुुरपका मुंहपका रोग ने डोईवाला क्षेत्र के कई गांवों के पशुपालकों का चैन छीनकर रख लिया है। उपाय और रोग पर नियंत्रण के प्रयास बेअसर साबित हो रहे हैं। मवेशियों की लगातार मौत से पशुपालक खासे नाराज हैं। वहीं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विशेष कार्याधिकारी धीरेंद्र पंवार ने सोमवार को गांवों को दौरा कर मामले का संज्ञान लिया।
डोईवाला प्रंखड के कालूवाला, बड़ोंवाला, जौलीग्रांट, विस्थापित क्षेत्र और भानियावाला के आसपास के गांवों में पशुओं में मुंह पका और खुरपका रोग से तेजी से फैल रही है। इसके चलते मवेशी अकाल मौत मर रहे हैं। माह भर से मवेशियों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नही ले रहा है।
डोईवाला क्षेत्र के कालूवाला गांव के कुंवर सिंह भंडारी, मंजीत सिंह सोलंकी, सुंदर सिंह चौहान, पूरण सिंह राणा समेत कई पशुपालकों के मवेशी मौत के मुंह में चले गए हैं। पशुपालकों का कहना है कि रोग का वायरस तेजी से फैल रहा है। मवेशियों की सिलसिलेवार मौत से पशुपालन विभाग भी हरकत में आ गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के विशेष कार्याधिकारी धीरेंद्र पंवार ने सोमवार को गांवों को दौरा किया।
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अधिकांश लोगों ने ऋण लेकर पशु लिए हैं। पशुओं की असमय मौत होने से भारी क्षति उठानी पड़ रही है। पशुओं की मौत के मामले का मुख्यमंत्री कार्यालय को भी अवगत कराया गया है। ऐसे में सरकार पशुपालकों को मुआवजा दे।
डबल सिंह भंडारी, उपाध्यक्ष जिला पंचायत देहरादून
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गांवों में पशुओं की मौत के मामले को बेहद गंभीरता से लेकर विभागीय अधिकारियों को तत्काल ठोस उपाय करने के लिए निर्देशित किया गया है। पशुपालकों को राहत देने के लिए हर स्तर पर सरकार प्रयास करेगी।
धीरेन्द्र पंवार, ओएसडी, मुख्यमंत्री
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पशुओं में बीमारी के प्रथम दृष्टया जो लक्षण दिखाई दिए हैं। उनसे पशुुओं में मुंहपका खुरपका है। पशुओं के ब्लड सैंपल आदि लेकर प्रयोगशाला में परीक्षण के लिऐ भेज गए हैं। बीमार पशुओं को उपचार देने का काम शुरू किया जा चुका है।
डॉ. बीके तोमर, पशु चिकित्सा अधिकारी डोईवाला