कर्णप्रयाग। समाज कल्याण विभाग की ओर से निराश्रितों (परित्यक्ता) के लिए भले की पेंशन योजना शुरू की गई हो, लेकिन चमोली जिले में एक साल से निराश्रितों और किसानों को पेंशन का इंतजार है। कई महिलाओं के लिए पेंशन योजना की स्वीकृति तो कर दी है, लेकिन पेंशन कब मिलेगी इसका जवाब विभाग के पास भी नहीं है। यही नहीं वर्ष 2014 में शुरू हुई किसान पेंशन योजना के तहत भी पेंशनरों को भी पेंशन का इंतजार है।
समाज में पति की ओर से छोड़ी गई महिलाओं या शादी नहीं होने की स्थिति में समाज कल्याण विभाग की ओर से महिलाओं को परित्यक्ता पेंशन दी जाती है। समाज कल्याण विभाग जिले में ऐसी ही 124 महिलाओं को पेंशन के लिए स्वीकृति दी है, लेकिन सात माह से इन पेंशनरों को पेंशन का इंतजार है। वहीं किसान पेंशन के तहत 1053 किसानों को भी विभाग की ओर से पेंशन नहीं मिली। यही नहीं अभिभावक की मौत पर गरीबों को मिलने वाली बीस हजार की आर्थिक सहायता भी विभाग लंबे समय से नहीं दे पा रहा है। मठोली के आरपी जुयाल ने कहा कि जनश्री के तहत एक बच्चे (जिसके माता, पिता की मृत्यु हो गई हो) का आवेदन डेढ़ साल से विभाग के पास जमा है, लेकिन अभी तक सहायता नहीं मिली है। प्रधान संगठन के अध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत, कांग्रेस के प्रांतीय प्रवक्ता हरिकृष्ण भट्ट का कहना है कि सरकार को गरीबों को दी जाने वाली सहायता की समय-समय पर मॉनीटरिंग और बजट की समय पर व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि लोगों को समय पर लाभ मिल सके। दूसरी ओर जिला समाज कल्याण अधिकारी सुरेंद्र लाल का कहना है कि बजट की डिमांड शासन को भेजी गई है। आवंटित होने पर जल्द सभी परित्यक्ताओं और निराश्रितों को पेंशन वितरण कर दिया जाएगा।