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पैरामेडिकल संस्थानों व प्राइवेट कालेजों को गढ़वाल विवि ने दिया झटका

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श्रीनगर। गढ़वाल विवि प्रशासन नेे पैरामेडिकल संस्थानों और प्राइवेट कालेजों को बड़ा झटका दिया है। पैरामेडिकल संस्थानों की जांच के लिए बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट आने तक इन संस्थानों की परीक्षा सहित सभी प्रक्रियाओं पर रोक लगा दी गई है। विवि से संबद्ध 16 पैरामेडिकल संस्थान जांच के दायरे में हैं। कालेजों को नियम विरुद्ध आवंटित सीट (60 से अधिक) वापस लेने का भी निर्णय लिया गया है।
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बृहस्पतिवार को गढ़वाल विवि के कुलपति प्रो. एबी भट्ट की अध्यक्षता में हुई बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित हुए। बैठक के बाद पत्रकार वार्ता में कुलसचिव डा. एके झा ने बताया कि पैरामेडिकल संस्थानों की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। बैठक में निर्णय लिया गया है कि जब तक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इन संस्थानों में परीक्षा सहित अन्य प्रक्रिया स्थगित रहेंगी। विवि के इस निर्णय से पैरामेडिकल संस्थानों में अध्ययनरत छात्रों को बड़ा झटका लगा है। हालांकि विधिवत रूप से मान्यता व संबद्धता लेने वाले संस्थानों पर यह निर्णय लागू नहीं होगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया है कि जिन निजी कालेजों को नियम विरुद्ध सीटें (60 से अधिक) आवंटित की गई हैं, उनको वापस लिया जाएगा। नए शिक्षा सत्र से निजी कालेज निर्धारित सीटों पर ही प्रवेश दे पाएंगे। साथ ही निजी कालेजों की संबद्धता के लिए विवि की टीम प्रवेश प्रक्रिया से पूर्व निरीक्षण करेगी।
डा. झा ने बताया कि विवि से संबद्ध सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों की संबद्धता समाप्त किए जाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। बैठक में शिक्षकों की पदोन्नतियों पर भी विचार किया गया। नौ विभागों के करीब 25 शिक्षकों की पदोन्नतियों के लिए बीओएस (बोर्ड ऑफ स्टडीज) के माध्यम से एक्सपर्ट के नाम कुलपति को चयन के लिए भेजे जाएंगे। इनमें से कुलपति दो एक्सपर्ट का चयन करेंगे। जिन छात्रों की परीक्षाएं छूट गई है, ऐसे सभी छात्रों की परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जाएंगी, इसके लिए प्रो. डीएम जोशी को समन्वय बनाया गया है।
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