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बिना एनओसी के गंगा किनारे बन गई बिल्डिंगें

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ब्यूरो/ ऋषिकेश। हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) की अनदेखी के कारण तीर्थनगरी में गंगातटों पर अवैध निर्माणों की बाढ़ आ गई है। हाईकोर्ट व एनजीटी की रोक के बावजूद गंगा की तलहटी से लेकर प्रतिबंधित दो सौ मीटर की परिधि में गंगा के दोनों ओर लगातार अवैध निर्माण जारी हैं। नतीजतन नदी के ऋषिकेश से मुनिकीरेती, तपोवन और स्वर्गाश्रम से लक्ष्मणझूला तक नदी गंगा के दोनों किनारे तेजी से सिकुड़ रहे हैं।
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सिंचाई विभाग की मानें तो विभाग से किसी भी व्यक्ति को बीते 12 वर्ष से गंगा के किनारे किसी भी तरह के निर्माण की एनओसी जारी नहीं की गई है। एचआरडीए नदी तटीय इलाकों में प्रस्तावित भवनों के लिए सिंचाई विभाग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाणपत्र के आधार पर ही मानचित्र को मंजूरी दे सकता है। ऐसे में सवाल है कि यदि विभाग की ओर से यदि दशक भर से अधिक समय से कोई एनओसी नहीं दी गई तो नदी तटीय क्षेत्रों में भवनों के निर्माण को प्राधिकरण अनधिकृत तौर पर मानचित्रों को स्वीकृत कर रहा है।
गंगा के दो सौ मीटर की परिधि में वर्ष 2000 से किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर हाईकोर्ट की रोक है। जबकि 2015-16 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) भी नदी के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पर रोक के आदेश दे चुका है। इतना ही नहीं वर्ष 2000 में ही राज्य सरकार की ओर से जारी शासनादेश में भी नदी के 200 मीटर की परिधि में निर्माण कार्य प्रतिबंधित है।
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इसके बावजूद एचआरडीए न तो शासनादेश और न ही हाईकोर्ट व एनजीटी के आदेश को मानने को तैयार है। तपोवन क्षेत्र में बदरीनाथ हाईवे के दोनों ओर गंगा के प्रतिबंधित क्षेत्र में बहुमंजिले होटलों व अपार्टमेंट्स का धड़ल्ले से निर्माण होना इसका प्रमाण है। स्थानीय लोग नदी के प्रतिबंधित क्षेत्र में बेरोकटोक किए जा रहे बहुमंजिले भवनों के निर्माण में एचआरडीए के जिम्मेदार अफसरों की मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं।
200 मीटर पर रोक 50 मीटर पर हो रहे निर्माण
ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा से महज 50 मीटर के दायरे में राजस्व पुलिस चौकी से लक्ष्मणझूला थाने के मध्य मुख्य मार्ग के दोनों ओर अनाधिकृत निर्माण कार्य जारी है। इसे रोकने के लिए जिम्मेदार महकमे कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो नदी के प्रतिबंधित दायरे में बिना एचआरडीए की सहमति के धड़ल्ले से निर्माण कार्य किया ही नहीं जा सकता।

क्या कहते हैं अधिकारी
अनाधिकृत तौर पर गंगा के प्रतिबंधित दायरे में भवन निर्माण करने वाले लोगों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है। यदि तपोवन और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में नए भवनों का निर्माण किया जा रहा है तो उन्हें जल्द सील कर दिया जाएगा।
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- बंशीधर तिवारी, सचिव हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण, हरिद्वार।
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