ब्यूरो/ऋषिकेश। रेलवे स्टेशन में खस्ताहाल रेलवे ट्रैक के स्पीलर की सुध आखिरकार रेलवे प्रशासन को आ ही गई। स्टेशन यार्ड में लाइन नंबर- एक के स्लीपर बदलने का कार्य शुरू कर दिया है। अमर उजाला ने रेलवे ट्रैक में खामियों के चलते यात्रियों के जीवन के साथ खिलवाड़ से जुड़े इस मुद्दे को बीते नवंबर माह में प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद अब रेलवे प्रशासन ने इसकी सुध ली है।
रायवाला से ऋषिकेश के बीच ट्रैक की हालत खराब होने बाबत रेल पथ निरीक्षक ने दो साल पूर्व ट्रैक का निरीक्षण कर रेलवे प्रशासन को इसकी रिपोर्ट दी थी, जिसमें ट्रैक और स्लीपर आदि बदलने की सिफारिश की गई थी। इसी वजह से ऋषिकेश पहुंचने वाली ट्रेन के लोको पायलट को स्टेशन मास्टर की ओर से ट्रेन को ऋषिकेश से रायवाला तक 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने के आदेश आज भी रोजाना दिए जा रहे हैं। अमर उजाला ने बीती 11 नवंबर- 2017 के अंक में इस मामले को ‘रायवाला- ऋषिकेश ट्रैक पर असुरक्षित दौड़ रही हैं ट्रेनें’ शीर्षक से प्रमुखता के साथ उठाया था, जिसके बाद रेलवे प्रशासन अब जाकर हरकत में आया है।
सबसे पहले रेलवे स्टेशन यार्ड में ट्रैक के स्लीपर बदलने का काम जरूर कर दिया गया है। इन दिनों लाइन नंबर -एक पर तेज गति के साथ पुराने लोहे की स्लीपर की बजाए सीमेंट के स्लीपर बिछाए जा रहे हैं। इसकी वजह से स्टेशन पर लाइन नंबर- एक पर आने वाली ट्रेन तीन नंबर पर आ रही हैं। स्टेशन मास्टर अमित उनियाल ने बताया कि ट्रैक के स्लीपर बुधवार तक बदल दिए जाएंगे। इसके बाद लाइन नंबर- एक पर ट्रेनों की आवाजाही को दोबारा सुचारु किया जाएगा।