ब्यूरो/ऋषिकेश। विश्व में भावातीत ध्यान ट्रांस्डेंटल मेडिटेशन के प्रणेता महर्षि महेश योगी की तपस्थली स्वर्गाश्रम स्थित शंकराचार्यनगर चौरासी कुटिया में राज्य सरकार व राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क द्वारा स्थापित की गई बीटल्स व महर्षि महेश योगी गैलरी विश्वविख्यात फोटोग्राफर व दो बार एम्मी अवार्ड विजेता रहे पॉल साल्जमेन व महर्षि महेश योगी संस्थान के सहयोग से संभव हो पाई है। यह भारत में बीटल्स इन ऋषिकेश से जुड़ी फोटोग्राफ्स का सबसे बड़ा कलर फोटोग्राफ्स कलेक्शन है, लिहाजा इसके बिना विभागीय स्तर से उक्त गैलरी की स्थापना करना काफी जटिल और खर्चीला कार्य था।
शंकराचार्यनगर में बीटल्स गैलरी स्थापित करने के लिए वर्ष 1968 में अंतरराष्ट्रीय बैंडग्रुप के सदस्यों के साथ भारत आए विश्व विख्यात फोटोग्राफर व दो बार एम्मी अवार्ड के विजेता रहे पॉल साल्जमेन ने उस दौरान उनके द्वारा आश्रम में बिताए गए पलों की तस्वीरें अपने कैमरे में कैद की थी। 50 वर्ष पुरानी उक्त तस्वीरों की उपलब्धता काफी मुश्किल थी, मगर बीटल्स गैलरी को तैयार करने के लिए फोटोग्राफर पॉल साल्जमेन ने विभाग को महर्षि महेश योगी फाउंडेशन के सहयोग से बीटल्स ग्रुप के सदस्यों के आश्रम में बिताए गए पलों, गीत लेखन, संगीत तैयार करने के दौरान की 23 दुर्लभ तस्वीरें दान स्वरूप उपलब्ध कराई गई हैं, जिनमें एक तस्वीर की कीमत 1000 डॉलर बताई गई है।
इस लिहाज से राज्य सरकार और पार्क प्रशासन महकमे को सीधे तौर पर इस मदद से करीब 14.85 लाख नहीं खर्चने पड़े और साथ ही तस्वीरों की तलाश के लिए विदेशी दौरे व दुर्लभ तस्वीरों को हासिल करने के लिए खाक छानने की फजीहत भी बच गई। राजाजी नेशनल पार्क के निदेशक सनातन सोनकर ने बताया कि नेशनल टाइगर रिजर्व पार्क की इस परिकल्पना को साकार करने में पत्रकार राजू गुसाईं ने भी अहम भूमिका निभाई है।
बढ़ेगी विदेशी सैलानियों की आमद
महर्षि की तपस्थली में बीटल्स और महर्षि महेश योगी की साधना से जुड़ी फोटो गैलरी की स्थापना होने से तीर्थनगरी में विदेशी सैलानियों की आमद में काफी हद तक इजाफा होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अगले माह आश्रम में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योगा वीक व बीटल्स फेस्टिवल क्षेत्र में दुनिया के लोगों की आमद बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।