गैरसैंण। तहसील मुख्यालय पर बहने वाली रामगंगा नदी पर झील बनाने की कवायद शुरू हो गई है। प्रथम चरण में सिंचाई विभाग ने भूगर्भीय सर्वे की प्रक्रिया शुरू की कर दी है। इसके लिए शासन से नौ लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।
गैरसैंण के सभी सातों वार्ड और भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर पेयजल आपूर्ति के लिए जरूरी संसाधन नहीं हैं। गैरसैंण में सचिवालय निर्माण सहित अन्य ग्रीष्मकालीन राजधानी और विकास की अन्य संभावनाओं को देखते हुए यहां पानी की कमी थी। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण में पानी की आपूर्ति के लिए रामगंगा नदी पर झील बनाने की घोषणा की थी, जिसके निर्माण के लिए सिंचाई खंड थराली ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग के कनिष्ठ अभियंता मोनू कुमार का कहना है कि करीब डेढ़ किमी में बनने वाली झील के बैराज निर्माण के लिए भूगर्भीय सर्वे सहित अन्य टेस्टिंग का काम किया जाना है। इस पर करीब 23 लाख से अधिक की धनराशि खर्च होगी। शासन की ओर से अभी काम के लिए करीब नौ लाख की स्वीकृति मिली है। भूगर्भीय सर्वे के बाद झील निर्माण की डीपीआर तैयार की जाएगी।