ब्यूरो/ऋषिकेश। न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में पीडब्ल्यूडी कर्मचारी को एक साल के कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर कोर्ट ने एक लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाने के बाद जमानत दे दी। अधिवक्ता एलएन तिवारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट इंदु शर्मा की अदालत में हरिद्वार रोड स्थित पीडब्ल्यूडी कॉलोनी निवासी राधावल्लभ सिंह पुत्र मंगीराम सिंह के मामले में आरोपी लक्ष्मण सिंह पुत्र छोटाराम निवासी ग्राम खैरीकलां, ऋषिकेश को सजा सुनाई गई। न्यायालय ने आरोपी को एक सजा की सजा सुनाते हुए उस पर जुर्माना भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतने का फैसला भी सुनाया।
अधिवक्ता तिवारी ने बताया कि आरोपी लक्ष्मण सिंह ने राधावल्लभ सिंह को खैरीकलां में अपना प्लॉट को बेचने की बात कही थी, जिस पर राधावल्लभ का लक्ष्मण से 10 लाख 50 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। बताया कि राधावल्लभ ने तीन किश्तों में आरोपी को अग्रिम धनराशि के तौर पर पांच लाख रुपये का भुगतान किया। बाकी की रकम एक वर्ष के भीतर देकर प्लॉट अपने नाम कराना तय हुआ। इस बाबत राधावल्लभ का आरोपी से एक एग्रीमेंट भी साइन हुआ था। लेकिन आरोपी उसे उक्त प्लॉट पर पड़ोसी के साथ विवाद होने की बात कहकर रजिस्ट्री करने को लेकर गुमराह करता रहा। दबाव बनाने पर आरोपी ने राधावल्लभ को 1 लाख 89 हजार 500 रुपए का चैक दिया, जोकि बाउंस हो गया। बताया कि आरोपी भी पीडब्ल्यूडी का कर्मचारी है, जिसे कोर्ट ने मामले में जमानत दे दी है।