गैरसैंण। स्थायी राजधानी घोषित करने की एक सूत्री मांग को लेकर महिलाएं दूसरे दिन भी आमरण अनशन पर अडिग रहीं। महिला आंदोलनकारियों ने कहा कि सरकारों ने प्रदेश की जनता के साथ गैरसैंण के नाम पर सिर्फ छलावा किया है। परीक्षण में उनका स्वास्थ्य सामान्य निकला।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के नेेतृत्व में 26 जनवरी से आमरण अनशन किया जा रहा है। सोमवार को पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्णा नेगी, कमला पंवार और जसवंत सिंह रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे। अनशनकारियों ने कहा कि सरकार को गैरसैंण राजधानी घोषित करना ही होगा। रामलीला मैदान में राजधानी निर्माण के लिए नारेबाजी की गई। मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डा. आकांक्षा ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. आकांक्षा ने बताया कि अनशनकारियों का स्वास्थ्य अभी सामान्य है। अनशन के समर्थन में सुरेंद्र सिंह बिष्ट, धनीराम, जिला बनाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूरन सिंह नेगी, प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर सिंह, मंजू बिष्ट, राम प्रसाद, महेशी देवी, नीरज शर्मा, बृजमोहन पंत, अशोक नेगी, भरत सिंह और त्रिलोक सिंह आदि ने धरना दिया।
आमरण अनशनकारी अवतार दानू का स्वागत
नारायणबगड़। गैरसैंण स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैदान में छह दिनों तक आमरण अनशन करने वाले नारायणबगड़ (कुलसारी) के अवतार दानू के कुलसारी पहुंचने पर जनता ने उनका स्वागत किया। इस दौरान लोगों ने स्थायी राजधानी की मांग को लेकर नारेबाजी कर बाजार में जुलूस निकाला। इस मौके पर रघुवीर खत्री, राकेश रजवाड़, देवेंद्र भंडारी, सुरेंद्र सिंह कठैत, दिनेश नेगी, घनानंद सती, महिपाल भंडारी, भुवन दानू और दरबान सिंह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे।