देवाल। रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और भव्य जल कलश यात्रा के साथ दो दिवसीय देवाल कौथिग सांस्कृतिक पर्यटन एवं विकास मेले का शुभारंभ हो गया। समारोह में शिक्षण संस्थाओं की ओर से गढ़-कुमांऊनी लोकगीत और लोकनृत्यों की शानदार प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दो दिवसीय देवाल कौथिग का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी शाह और विधायक मगनलाल शाह ने किया। विधायक ने मेले के लिए एक लाख देने की घोषणा की। ब्लॉक प्रमुख उर्मिला बिष्ट ने कहा कि यहां का मेला गढ़वाल और कुमाऊंनी संस्कृति की पहचान है। उन्होंने जनता से शादी-समारोहों में शराब और अन्य मादक द्रव्यों का बहिष्कार करने की अपील की। मेला समिति के अध्यक्ष केडी मिश्रा ने लोगों से वनों को आग से बचाने की अपील की। मेले में हिमालयन पब्लिक स्कूल, श्री गुरुराम राय के बच्चों और अन्य शिक्षण संस्थाओं की ओर से स्वागत गीत, शिव तांडव नृत्य, चैत की चैतवाली..., ढोल बाजी बजेणा... आदि सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। महावीर बिष्ट और दलबीर दानू के संचालन में आयोजित कार्यक्रमों में थराली प्रमुख राकेश जोशी, नरेंद्र बिष्ट, राजेंद्र दानू, दर्शन दानू, आलम सिंह, आनंद सिंह रावत, पुष्कर बिष्ट, जीवन मिश्रा, लखन रावत, बलबीर घुनियाल, इंद्र सिंह राणा, गोविंद पांगती, सुरेंद्र बिष्ट, हरेंद्र कोटेड़ी, भावना रावत, मंजू देवी और दीपा देवी आदि मौजूद थे।
देवाल कौथिग में अन्य क्षेत्रों से भी कई व्यापारी पहुंचे थे, लेकिन दोपहर बाद मौसम खराब होने से व्यापारियों को अपना सामान समेटना पड़ा। मेले में घेस, सौरीगाड़, रामपुर, तोरती, झलिया आदि गांवों से लोग 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर यहां पहुंचे और खूब खरीददारी की। महिलाओं ने कुमाऊंनी परिधान में कलश यात्रा निकाली।