कर्णप्रयाग। रविवार को ब्लॉक सभागार में बाबा मोहन सिंह उत्तराखंडी संघर्ष समिति के आह्वान पर गैरसैंण स्थायी राजधानी बनाने को लेकर जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस मौके पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी की मांग को लेकर 20 मार्च को बजट सत्र में आंदोलन का निर्णय लिया गया।
बैठक में विचार व्यक्त करते बाबा मोहन सिंह उत्तराखंडी संघर्ष समिति के अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह मिंगवाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की उपेक्षापूर्ण रवैए के चलते गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं किया जाना राज्य की जन भावनाओं के साथ कुठाराघात है। पूर्व डिप्टी स्पीकर डा. एपी मैखुरी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन, सचिवालय का निर्माण कर दिया गया था। लेकिन भाजपा की डबल इंजन की सरकारें राज्य की स्थायी राजधानी के प्रति संवेदनहीनता दर्शा रही हैं। बैठक में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग को लेकर 20 मार्च से भराड़ीसैंण में आयोजित होने वाले बजट सत्र में आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान सर्वसम्मति से संघर्ष समिति का गठन करते हुए संरक्षक मंडल में सुदर्शन सिंह कठैत, डीएस बर्त्वाल, संत सिंह, डा. एपी मैखुरी, यूडी देवली, नरेंद्र सिंह भंडारी को तथा संचालन मंडल में नंदन सिंह बिष्ट, मुकेश नेगी, भगत सिंह बिष्ट, सुभाष गैरोला, राजेंद्र सिंह सगोई, संदीप पटवाल, इंद्रेश मैखुरी व रेनू नेगी आदि को मनोनीत किया गया।