कर्णप्रयाग। पहाड़ के बाजारों में आम तौर पर मक्का जुलाई-अगस्त में बाजारों में पहुंचता है, लेकिन इस बार कृषि विभाग यात्राकाल के मई माह में बाजारों में मक्के को पहुंचाने की तैयारी कर रहा है। कृषि विभाग यात्रा मार्ग के बंजर खेतों पर मक्का उगाएगा ताकि यात्रा सीजन में इसे यात्रियों को बेचा जा सके। प्रयोग के तहत अभी देवलीबगड़ में मक्का बोई जा रही है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो पहाड़ के किसान चारधाम यात्रा के दौरान मक्का का कारोबार कर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे।
कर्णप्रयाग ब्लाक के देवलीबगड़ में कृषि विभाग ने ग्रामीणों की 12 साल से बंजर पड़ी भूमि को उपजाऊ बनाने की कवायद की है। मुख्य कृषि अधिकारी आरएल चंद्रवाल का कहना है कि देवलीबगड़ में ऑफ सीजन पर मक्के की फसल बोई जा रही है, जो मई माह में तैयार हो जाएगी। इसे यात्रा मार्ग पर यात्रियों को बेचा जाएगा। चंद्रवाल ने बताया कि देवलीबगड़ ही नहीं बल्कि सिमली, कालेश्वर सहित यात्रा मार्ग से जुड़े बंजर खेतों में इस तरह की फसलों को बोने की योजना विभाग ने बनाई है। इसके लिए हैदराबाद, रुद्रपुर, हल्द्वानी से करीब 60 किलो बीज मंगाकर बोया जा रहा है। देवलीबगड़ में कृषि विभाग ने स्थानीय लोगों की मदद से मक्के की बुआई शुरू की है। मुख्य कृषि अधिकारी, सहायक कृषि अधिकारी डा. जितेंद्र भास्कर सहित करीब 12 से अधिक कर्मचारियों ने पॉवर ड्रीलर से खेतों की जुताई कर मक्के की बुआई की।