श्रीनगर। विश्वविद्यालयों में सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति दिए जाने के निर्णय को उच्च शिक्षित युवाओं ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। युवाओं का कहना है कि इस निर्णय से उच्च शिक्षा में शिक्षक बनने की चाह रखने वाले युवाओं के लिए अवसर कम होंगे। साथ ही उच्च शिक्षा में युवाओं की कमी होगी। उच्च शिक्षित युवाओं ने इस निर्णय के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
गढ़वाल विवि में संविदा पर तैनात युवा शिक्षकों ने सेवानिवृत्ति के बाद शिक्षकों को पुनर्नियुक्ति दिए जाने के निर्णय को युवाओं के लिए घातक बताया। युवा संविदा शिक्षकों का कहना है कि 65 वर्ष की आयु पूरी करने पर सेवानिवृत्ति के बाद पुन: सेवानिवृत्त शिक्षकों को विवि में नियुक्ति देना तर्क संगत नहीं हैं। गढ़वाल विवि में इस वर्ष 13 प्रोफेसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं। शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने से इन पदों के रिक्त होने पर नेट/पीएचडी धारक युवाओं के साथ ही यहां संविदा पर तैनात शिक्षकों में रोजगार की उम्मीद जगी थी। मानवेंद्र कुमार ने कहा कि वह दो बार नेट क्वालीफाई करने के साथ ही पीएचडी भी कर चुके हैं। उन्होंने गढ़वाल विवि में असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए एक वर्ष पूर्व आवेदन भी किया था, लेकिन भर्ती प्रक्रिया आवेदन से आगे नहीं बढ़ पाई।