ब्यूरो/ऋषिकेश। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) द्वारा टिहरी डैम से गंगा में छोड़े जाने वाले पानी से नागरिक सुरक्षा के मद्देनजर त्रिवेणीघाट पर लगा सायरन बीते एक सप्ताह से बंद पड़ा है। जिसके कारण स्थानीय पुलिस प्रशासन को टिहरी झील से गंगा में पानी छोड़े जाने की पूर्व सूचना नहीं मिल पा रही है। लिहाजा पुलिस इस दौरान घाट के आसपास मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को अलर्ट नहीं कर पा रही है। ऐसे में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ने से स्नानार्थियों के लिए जोखिम हो सकता है। बावजूद इसके इस ओर स्थानीय प्रशासन व टीएचडीसी प्रशासन कोई गौर नहीं कर रहा है।
टीएचडीसी की ओर से त्रिवेणीघाट पर डैम से गंगा में पानी छोड़े जाने के दौरान लोगों को अलर्ट करने के लिए सायरन लगाया गया है। नगर क्षेत्र में नदी का जलस्तर बढ़ने से करीब आधा घंटे पहले इस सायरन के बजने से पुलिस गंगा किनारे मौजूद लोगों को गंगा में पानी बढ़ने की चेतावनी जारी करती है और नदी की मुख्य धारा के आसपास से लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने को जागरुक करती है। पुलिस सूत्रों की मानें तो करीब सप्ताह भर से कारपोरेशन द्वारा लगाया गया सायरन खराब पड़ा है। जिससे गंगा में पानी बढ़ने की जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन को भी नहीं मिल पा रही है। जिससे नागरिक सुरक्षा के मद्देनजर लोगों को गंगा का जलस्तर बढ़ने की जानकारी देने में दिक्कतें आ रही हैं। ऐसे में यह अनदेखी कभी भी नदी का जलस्तर बढ़ने की स्थिति में आसपास मौजूद लोगों के लिए जोखिम साबित हो सकती है।
उधर इस बाबत टीएचडीसी कारपोरेट संचार विभाग के एजीएम डा.एएन त्रिपाठी ने बताया कि कारपोरेशन की ओर से नदी किनारे संवेदनशील स्थानों पर गंगा के जलस्तर में उतार चढ़ाव को लेकर चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, जिससे लोग इस तरह के जोखिम से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने त्रिवेणीघाट पर लगे सायरन के खराब होने की जानकारी से इनकार किया है। कहा कि इसे दिखवाया जाएगा और जन सुरक्षा के मद्देनजर जल्द ठीक कराया जाएगा। जिससे लोगों को गंगा का जलस्तर बढ़ने की जानकारी समय पर दी जा सके।