पूर्व प्रधान ने समन्वयक पद से दिया त्यागपत्र
-- गौहरीमाफी के ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान को भ्रष्ट बताकर पद से हटाने की उठाई थी मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
समाजसेवी अन्ना हजारे के ऋषिकेश दौरे को लेकर प्रस्तावित कार्यक्रम के समन्वयक व गौहरीमाफी के पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बृहस्पतिवार को हरिद्वार रोड स्थित पीडब्ल्यूडी निरीक्षण भवन में आयोजित पत्रकारवार्ता में पोखरियाल ने इसकी विधिवत घोषणा की। पोखरियाल ने बताया कि मंगलवार 13 फरवरी को समाजसेवी अन्ना हजारे के ऋषिकेश दौरे के मद्देनजर उन्हें समन्वयक की दायित्व सौंपा गया था। उन्होंने बताया कि बीते दिनों कुछ लोगों ने उन पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप लगाया था, लिहाजा उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने बताया कि उनके ऊपर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप निराधार हैं। लिहाजा चेताया कि जिन लोगों ने गलत तरीके से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया उनके खिलाफ वह एक सप्ताह में मानहानि का नोटिस भेजेंगे। गौरतलब है कि बीते दिनों गौहरीमाफी के कुछ लोगों द्वारा पूर्व प्रधान संजय पोखरियाल पर अपने कार्यकाल में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप जड़ा था, साथ ही कहा था कि ऐसे व्यक्ति को समाजसेवी अन्ना हजारे के कार्यक्रम का समन्वयक नहीं बनाया जाना चाहिए। इसके बाद पोखरियाल ने बृहस्पतिवार को इस दायित्व से त्यागपत्र देने की विधिवत घोषणा की। इस अवसर पर मेहरबान सिंह रावत, रोहित नौटियाल, दिनेश रावत, नितीश उनियाल, संजय भंडारी आदि मौजूद थे।