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डीएम ने दिए जमीन निरस्तीकरण के निर्देश

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डीएम ने दिए जमीन निरस्तीकरण के निर्देश
ब्यूरो/अमर उजाला
त्यूनी।
ग्राम पंचायत चातरा के राजस्व गांव हनोल में नियम विरुद्ध बंजर भूमि एक व्यक्ति के नाम पर दर्ज की गई। अब तक हुई जांच में इसका खुलासा हुआ है। जिसके बाद जिलाधिकारी ने विनियमितीकरण को निरस्त करने के निर्देश उपजिलाधिकारी को दिए हैं। वहीं यह भूमि नाम कराने में फर्जी प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल करने के मामले में उन्होंने विधिक राय लेकर कार्रवाई की बात कही है।
उल्लेखनीय है कि संगीता देवी ने गांव के ही निवासी चंदराम पर तहसील कर्मियों से साठगांठ कर नियम विरुद्ध और फर्जी कागजातों के आधार पर बंजर भूमि के खसरा नंबर 115, 117, 118 और 119 की 0.2000 हेक्टेयर भूमि को अपने नाम दर्ज कराने का आरोप लगाया था। मामले की शिकायत उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ ही मंडलायुक्त से भी की थी।
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मंडलायुक्त ने मामले की जांच जिलाधिकारी को सौंपी थी। जिसके बाद सोमवार को डीएम ने मामले की जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त को सौंपी। जिसमें यह तथ्य प्रकाश में आया है कि विनियमितीकरण की प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। अनियमितता प्रकाश में आने के बाद मंडलायुक्त दिलिप जावलकर ने मामले में जिलाधिकारी से भूमि से संबंधित अन्य पत्रावलियां भी तलब की हैं। डीएम ने विनियमितीकरण को रद् करने की बात कही है।

जांच के दौरान प्रथम दृष्टया यह तथ्य प्रकाश में आया है कि विनियमितीकरण के दौरान नियमों का पालन नहीं किया गया। जिसके आधार पर जमीन आवंटन की प्रक्रिया को निरस्त किया जा रहा है। मामले में दूसरे पक्ष को भी अपनी बात रखने का मौका दिया जाएगा। जिसके बाद विधिक राय लेकर कार्रवाई की जाएगी।
एसए मुरुगेशन, जिलाधिकारी

यह है मामला
ग्राम हनोल में खतौनी संख्या-41 में दर्ज भूमि बंजर है। जिसका मालिकाना हक सरकार का होता है। नियम के हिसाब से इस भूमि को किसी व्यक्ति के नाम दर्ज नहीं किया जा सकता। पिछले दिनों हनोल गांव निवासी संगीता देवी ने जब निर्माणाधीन हनोल-भ्यूलाड़ा मार्ग से क्षतिग्रस्त हुए अपने मकान के मुआवजे के लिए तहसील से खसरा-खतौनी की प्रति निकलवाई तो जिस खसरा नंबर 119 में उनका मकान है, उसके साथ ही तीन अन्य खसरा नंबर 115, 117, 118 जिसका कुल रकबा 0.2000 हेक्टेयर सरकारी दस्तावेजों में एक व्यक्ति के नाम दर्ज कर दिया गया है। मामले में जब उन्होंने पड़ताल की तो पता चला कि इस जमीन को 22 जुलाई 2016 को गांव निवासी चंदराम ने नियमों को ताक पर रख अपने नाम दर्ज करा लिया।
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फर्जी अनापत्ति पत्र की जांच भी हुई शुरू
बीते दिनों शिकायतकर्ता संगीता देवी ने मंडलायुक्त से मुलाकात कर आरोपी पर जमीन विनियमितीकरण की प्रक्रिया के दौरान तहसील प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों में पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर कर अनापत्ति पत्र का इस्तेमाल करने के आरोप लगाया था। जिसकी प्रति भी उपलब्ध कराई थी। मामले का खुलासा आरटीआई के तहत हुआ था। जिस पर मंडलायुक्त ने मामले में भी जांच बैठा दी है। उन्होंने जिलाधिकारी को मामले से जुड़ी संपूर्ण पत्रावलियां प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
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