अब यूपीसीएल करेगा सिंचाई विभाग के आवासों को रोशन
- जल विद्युत निगम रोड मैप तैयार करने में जुटा
अमर उजाला ब्यूरो
विकासनगर।
जल्द ही परियोजना क्षेत्र डाकपत्थर स्थित सरकारी कॉलोनी में बने सिंचाई विभाग के आवासों में यूपीसीएल के माध्यम से बिजली की सप्लाई होगी। इसके लिए इन दिनों जल विद्युत निगम रोड मैप तैयार करने में जुटा हुआ हैै। सब कुछ योजना अनुसार रहा तो एक से दो माह के भीतर निगम प्रबंधन पूर्ण रूप से विद्युत वितरण का काम यूपीसीएल को सौंप देगा।
70 के दशक में परियोजना क्षेत्र डाकपत्थर में सरकारी आवासों का निर्माण किया गया। जिसके बाद से इन आवासों में बिजली आवंटन का काम जल विद्युत निगम करता आया है। कॉलोनी में सिंचाई विभाग के साथ ही जल विद्युत निगम के आवास भी बने हुए हैं। लेकिन अब निगम प्रबंधन ने सिंचाई विभाग के आवासों की बिजली आपूर्ति का जिम्मा यूपीसीएल को देने का निर्णय लिया है। वर्तमान मेें कॉलोनी में सिंचाई विभाग के करीब 200 से अधिक आवास हैं। विद्युत वितरण का कार्य यूपीसीएल को हस्तांतरित होने के बाद जहां सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को बिजली की अधिक दर चुकानी होंगी। वहीं रोस्टिंग की मार भी झेलनी होगी।
कर्मचारियों में रोष
निगम प्रबंधन के इस निर्णय से सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में खासा रोष है। कर्मचारियों का कहना है कि पूर्व में सिंचाई विभाग ने ही कॉलोनी के साथ ही खोदरी और छिबरो पॉवर हाउस का निर्माण किया। लेकिन अब निगम प्रबंधन सौतेला व्यवहार अपनाते हुए सिंचाई विभाग के आवासों की बिजली आपूर्ति का जिम्मा यूपीसीएल को सौंपने जा रहा है। अभी कर्मचारियों को तीन माह में विद्युत बिल देना होता है। लेकिन यूपीसीएल के पास बिजली सप्लाई का जिम्मा जाते ही उन्हें हर माह बिल देना होगा। इसके साथ ही रोस्टिंग की मार भी झेलनी होगी। अभी परियोजना क्षेत्र में बहुत कम बिजली जाती है। नाम न छापने की शर्त में एक कर्मचारी नेता ने कहा कि जल्द ही इस पर कर्मचारी बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श करेंगे।
सिंचाई विभाग के आवासों की बिजली आपूर्ति का जिम्मा पूर्ण रूप से यूपीसीएल को हस्तांरित करने संबंधी फाइल उच्चाधिकारियों को भेजी गई थी। जिसे मंजूरी मिल गई है। जल विद्युत निगम के आवासों में निगम प्रबंधन के माध्यम से ही बिजली आपूर्ति की जाती रहेगी।
- विमल डबराल, पीआरओ, जल विद्युत निगम