ब्यूरो/ अमर उजाला, मसूरी।
भारत सरकार की पहल एक भारत श्रेष्ठ भारत के तहत नेहरू युवा केंद्र की ओर से आयोजित अंतरराज्यीय युवा विनियम कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। एमपीजी कॉलेज के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कर्नाटक और उत्तराखंड के युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने-अपने प्रदेशों की संस्कृति साझा की।
कार्यक्रम के समाप के मौके पर प्रतिभागी युवाओं ने कार्यक्रम की रिपोर्ट विस्तार से सदन में रखी। मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम देश में एकता का भाव लाने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम से युवाओं को एक दूसरे की बोली भाषा रहन-सहन, पहनावा और एक दूसरे की संस्कृति को जानने का मौका मिलता है। वहीं, उन्होंने कहा कि कर्नाटक से आये युवाओं को जहां यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अच्छा लगा होगा, वहीं उन्हें पहाड़ के कठिन जीवन प्राकृतिक आपदा से लोगों को होने वाली परेशानियों का पता चला होगा।
उत्तराखंड नेहरू युवा केंद्र के निदेशक बलविंदर सिंह खोसा ने कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम संयोजक विभू कृष्णा ने कार्यक्रम को देश को एक सूत्र में जोड़ने की अच्छी पहल बताया। उत्तराखंड और कर्नाटक के 100 युवक युवतियों ने अपने राज्य की मन मोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी।
विशिष्ट अतिथि उत्तराखंड साइंस एजुकेशन एवं रिसर्च सेंटर के निदेशक दुर्गेश पंत ने कहा कि यह अद्भुत कार्यक्रम है। देश में 65 प्रतिशत युवा हैं, ऐसे में उत्तर के हिमालयी राज्य उत्तराखंड व दक्षिण के समुद्री राज्य कर्नाटक का मिलन उनका एक मंच पर आना दुर्लभ है। जर्मन सरकार के नमामि गंगे योजना के उत्तराखंड प्रतिनिधि आलोक वात्सायन ने नामामि गंगे योजना के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं को नदियों को स्वच्छ रखने का आह्वान किया। इस दौरान कर्नाटक और उत्तराखंड के युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम में सभासद विरेंद्र पंवार, प्रिंसिपल एस पी जोशी आदि भी मौजूद रहे।