संस्कृत सभी भाषाओं की जननी : प्रेमचंद
-- संस्कृत भारती की ओर से जनपदीय संस्कृत सम्मेलन का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । संस्कृत भारती के तत्वावधान में जनपदीय संस्कृत सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें संस्कृत पर आधारित विज्ञान प्रदर्शनी, वस्तु प्रदर्शनी, व्याख्यान, परिचर्चा, समूह गान, नृत्य और नाटक आदि कार्यक्रम आयोजित किए गए। बृहस्पतिवार को लक्ष्मणझूला रोड स्थित श्री नेपाली संस्कृत विद्यालय में आयोजित सम्मेलन का विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में संस्कृत की भूमिका सबसे अहम मानी गई है। सच्चे मायने में संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है।
हिंदू धर्म में मनुष्य के जन्म से मृत्यु तक संस्कृत भाषा उपयोगी है। संस्कृत के विकास व प्रचार प्रसार के लिए संस्कृत भारती द्वारा प्रदेश में किए जा रहे सम्मेलनों का आयोजन सराहनीय है। अग्रवाल ने बताया कि उनके विधानसभा अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार विधानसभा के सभी कार्यालयों में संस्कृत में पट्टिकाएं लगाई गई हैं। प्रदेश में सभी मदरसों में भी संस्कृत विषय को पढ़ाया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने विवेकाधीन कोष से कार्यक्रम में शामिल सभी 70 प्रतिभागी छात्रों को प्रति छात्र एक हजार रुपये देने की घोषणा की है।
संस्कृत भारती के विभाग संयोजक संजू प्रसाद ध्यानी ने बताया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य संस्कृत भाषा को जन- जन तक पहुंचाना और संस्कृत प्रेमी लोगों को संगठित करना है। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक सुदर्शन कपूर, प्रधानाचार्य ओमप्रकाश पूर्वाल, बुद्धदेव शर्मा, योगेश्वर प्रसाद ध्यानी, शांति प्रसाद मैठाणी, कैलाश व्यास, संतोष मुनि शास्त्री, जनार्दन कैरवान, सुभाष डोभाल, कुसुम कंडवाल, चेतन शर्मा, सरोज डिमरी, अनुराधा ध्यानी, मोनिका रावत आदि मौजूद थे।
संस्कृत प्रदर्शनी का हुआ आयोजन
मुनिकीरेती। संस्कृत विज्ञान प्रदर्शनी में खगोल विज्ञान, भूगर्भ विज्ञान, गणित, भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान, जंतु विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, परमाणु विज्ञान व अन्य विभिन्न विज्ञान शाखाओं पर आधारित विषय वस्तु को संस्कृत के जरिए प्रदर्शित किया गया। जिसमें इंजीनियरिंग, एस्ट्रोनामी, एयरोनॉटिक्स, आयुर्वेद, योग, केलकुलेटर इकोलॉजी योग आदि विषयों पर प्राचीन प्रायोगिक विवरण प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा वस्तु प्रदर्शनी में दैनिक उपयोग में काम आने वाली वस्तुओं के नाम संस्कृत में बताए गए। छात्रों ने संस्कृत पर आधारित समूहगान और नृत्य नाटिका की प्रस्तुति दी।
छात्रों ने मंत्रों की दी प्रस्तुति
श्रीदर्शन संस्कृत महाविद्यालय के छात्रों ने संस्कृत स्वागत गीत प्रस्तुत किया। जबकि गायत्री वेद विद्यालय के छात्रों ने यजुर्वेद व सामवेद के मंत्रों की प्रस्तुति दी। राजकीय इंटर कॉलेज दिउली, यमकेश्वर के एनएसएस के स्वयंसेवकों ने संस्कृत समूहगान प्रस्तुत किया। श्रीनेपाली संस्कृत विद्यालय के छात्रों ने फिल्मी धुन पर संस्कृत गीत प्रस्तुत किया। स्वाति योगदान संस्थान के प्रतिभागियों ने संस्कृत गरवा नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। साथ ही परमार्थ निकेतन गुरुकुल के छात्रों ने कालीदासो जने जने कंठे कंठे संस्कृतम की धुन प्रस्तुत की।