गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर 26 जनवरी से आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है। स्वास्थ्य टीम ने आंदोलनकारियों को अन्न ग्रहण करने की सलाह दी है। वहीं आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक सरकार गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित नहीं करती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने की मांग को लेकर मूसों के वीरेंद्र आर्य, नारायणबगड़ के गंभीर सिंह और स्यूणी मल्ली के ध्यान सिंह रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठे हैं। मंगलवार को भी सीएचसी की डा. आकांक्षा, फार्मेसिस्ट रघुवीर सिंह ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। डा. आकांक्षा ने बताया कि अनशनकारियों के शरीर में पानी की कमी, कीटोन की अधिकता के साथ ही ब्लड प्रेशर कम मिला है। इनको अन्न ग्रहण कर लेना चाहिए। वहीं विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष डा. अनसूया प्रसाद मैखुरी भी आंदोलन को समर्थन देने धरनास्थल पहुंचे। डा. मैखुरी ने कहा कि कांग्रेस सरकार की ओर से भराड़ीसैंण में शुरू किया गया राजधानी का काम भाजपा ने सरकार बनाते ही रोक दिया। सचिवालय का काम शिलान्यास से आगे नहीं बढ़ पाया है, जिससे साफ है कि भाजपा गैरसैंण के पक्ष में नहीं है। आंदोलन को समर्थन देने वालों में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह रावत, ब्लाक अध्यक्ष कुंवर सिंह बिष्ट, सुरेश कुमार, विजयपाल, कृष्णा नेगी, बृजमोहन, पूरन सिंह नेगी, सुरेश बिष्ट, धनीराम, राकेश, चंद्र सिंह, हनीफ और सरोज शाह आदि मौजूद थे।