निकाय में शामिल होने के बाद भी सुविधाओं का टोटा
-- ढालवाला, चौदहबीघा में सड़क, पेयजल, बिजली व सीवर की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । नगर पालिका मुनिकीरेती में मर्ज होने के करीब तीन साल बाद भी ढालवाला, चौदहबीघा के लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। क्षेत्र के कई इलाके सड़क, पेयजल, बिजली व सीवर जैसी दिक्कतों से जूझ रहे हैं। बावजूद इसके निकाय प्रशासन यहां नागरिक समस्याओं के निराकरण पर दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। वर्ष -2015 में नगर पंचायत मुनिकीरेती के विस्तारीकरण के तहत शासन द्वारा ग्राम पंचायत ढालवाला को निकाय में मर्ज कर इसे नगर पालिका का दर्जा दिया था, जिससे निकाय में ढालवाला, राजीवग्राम, चौदहबीघा आदि इलाके शामिल किए गए।
मगर मुनिकीरेती नगर पालिका में मर्ज होने के बाद भी इसमें जोड़े गए कई इलाके मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। चौदहबीघा का मुख्य मार्ग समेत कई मुख्य और आंतरिक संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हैं। जिनमें जगह- जगह गड्ढे पड़े होने से राहगीर परेशान हो रहे हैं, बरसात के समय इनमें जलभराव की समस्या बनी रहती है। मगर मुख्य व ब्रांच रूटों को दुरुस्त नहीं किया जा रहा है।
निकाय में भी क्षेत्र के कई हिस्सों में पथ प्रकाश की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है, लिहाजा लोगों को रात के समय अंधेरे में आवागमन करना पड़ता है। स्थानीय लोगों की मानें तो जिन इलाकों में पथ प्रकाश की व्यवस्था है भी उनमें कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें शोपीस बनी हुई हैं। चौदहबीघा निवासी इंद्र दत्त मैठाणी ने बताया कि वह करीब चार दशक से चौदहबीघा में रहते हैं। बताया कि उनके आसपास के 15 से 20 परिवार आज भी सीवर सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। बताया कि कई अन्य इलाकों में भी ब्रांच सीवर लाइनों की कमी बनी हुई है। वहीं रामी देवी का कहना है कि नगर निकाय प्रशासन भवन स्वामियों पर मनमाने ढंग से हाउस टैक्स लगा रहा है, जिसको लेकर नागरिकों व जनप्रतिनिधियों की कोई राय नहीं ली गई। ढालवाला निवासी अंबिका प्रसाद जोशी का कहना है कि क्षेत्र में सीवर लाइन की सबसे बड़ी समस्या है।
क्या कहते हैं ईओ
नगर पालिका बजट के अभाव में सीमित संसाधनों से क्षेत्र की समस्याओं के हरसंभव समाधान में जुटा है। निकाय के अस्तित्व में आने के बाद से निकाय को अभी तक शासन से कोई अतिरिक्त बजट नहीं मिल पाया है।
- उत्तम सिंह नेगी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मुनिकीरेती ढालवाला।