मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेगा ठेकेदार महासंघ
-- 600 करोड़ के अवशेष भुगतान की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। राजकीय ठेकेदार महासंघ ने राज्य सरकार पर ठेकेदारों का शोषण करने का आरोप लगाया है। उन्होंने ठेकेदारों के 600 करोड़ के लंबित भुगतान कराने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की चेतावनी दी है। रविवार को प्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में महासंघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि सरकार ठेकेदारों की मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे उनमें आक्रोश व्याप्त है। बताया कि बीते वर्ष अगस्त माह में ठेकेदार महासंघ ने दस सूत्रीय मांगों को लेकर देहरादून में धरना-प्रदर्शन किया था। जिसके बाद सभी बिंदुओं पर सरकार की ओर से नामित प्रतिनिधियों से वार्ता हुई थी।
उन्होंने बताया कि वार्ता में सभी बिंदुओं पर सहमति जताने के बावजूद सरकार आज तक संबंधित मामलों में शासनादेश जारी नहीं कर पाई है। उन्होंने सरकार से पांच करोड़ तक के कार्यों में छोटे टेंडर लगाने की मांग की जिससे स्थानीय ठेकेदारों को काम मिल सके। ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को पूर्व की भांति रखने, पंजीकरण मानकों को यथावत रखने, जीएसटी लागू होने से पूर्व के अनुबंधों पर जीएसटी नहीं काटने, विभिन्न विभागों के सभी मदों में लंबित भुगतान तत्काल कराने की मांग की है। इस अवसर पर सचिव जगमोहन कुड़ियाल, राजवीर रावत, देवानंद बडोनी, रमेश कंडारी, विजय पंवार, नितिश कुड़ियाल, मानवेंद्र भट्ट, जगवीर नेगी आदि मौजूद थे।