गैरसैंण। स्थायी राजधानी की मांग को लेकर रामलीला मैदान में आमरण अनशन तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। आंदोलन को थराली विधानसभा के पूर्व विधायक डा. जीतराम टम्टा ने भी समर्थन दिया।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाए जाने की मांग को लेकर रामलीला मैदान में 26 जनवरी से वीरेंद्र आर्य, हयात सिंह और गंभीर सिंह आमरण अनशन पर बैठे हैं। स्थायी राजधानी निर्माण संघर्ष समिति के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने रविवार को थराली के पूर्व विधायक डा. जीतराम भी धरना स्थल पहुंचे। डा. जीतराम ने कहा कि राज्य गठन के चौदह साल बाद कांग्रेस सरकार ने भराड़ीसैंण में विधानसभा भवन, विधायक आवास बनाकर राजधानी की ढांचागत सुविधाएं विकसित कीं, लेकिन डबल इंजन की सरकार पहाड़ के विकास के प्रति संजीदा नहीं है। देर शाम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की डा. आकांक्षा और फार्मेसिस्ट रघुवीर सिंह ने अनशनकारियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। उनका स्वास्थ्य सामान्य पाया गया। धरनास्थल पर प्रधान संगठन के अध्यक्ष महावीर सिंह, अंजू डिमरी, जया पाठक, लीला असनोड़ा, कृष्णा नेगी, धनीराम, बृजमोहन राज, यशोदा बुटोला, मनीष मठपाल, जगदीश प्रसाद, नारायणबगड़ के प्रधान त्रिलोक सिंह, फते सिंह और सुरेंद्र सिंह बिष्ट आदि ने आंदोलन को समर्थन दिया।