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राज्यपाल डा. केके पॉल ने दी राज्य के शिक्षकों को सलाह

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पुरातन छात्र समिति के 21 छात्रों को विद्यालय रत्न
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-- एसबीएम में आयोजित हीरक जयंती के समापन पर पहुंचे राज्यपाल
-- कॉलेज की लाइब्रेरी के लिए दी एक लाख रुपये की सहायता

अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। राज्यपाल डा. केके पॉल ने प्रदेश के शिक्षकों को स्कूली बच्चों को संविधान में उल्लिखित मौलिक कर्तव्यों का पाठ रोजाना पढ़ाने का सुुझाव दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को मौलिक कर्तव्यों का ज्ञान होने से ही देश की नींव मजबूत होगी और राष्ट्र उन्नति के मार्ग पर अग्रसर होगा। इसके साथ ही राज्यपाल ने राज्य के स्कूलों में बच्चों में टीम वर्क की भावना पैदा करने पर भी जोर दिया है। शनिवार को राज्यपाल डा. पॉल श्री भरत मंदिर स्कूल सोसाइटी ऋषिकेश व पुरातन छात्र समिति के संयुक्त तत्वावधान में एसबीएम इंटर कॉलेज के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित तीन दिवसीय हीरक जयंती समारोह के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव आए हैं और शिक्षा आधुनिक हुई है, लेकिन छात्र-छात्राओं को वर्चुअल से रियल वर्ल्ड में लाने की कोशिश शिक्षकों को करनी चाहिए। कहा कि विद्यार्थियों का मॉडर्न होना जायज है, मगर संस्कार को किसी भी सूरत नहीं भूलना चाहिए, इसमें शिक्षकों को बच्चों की सहायता करनी चाहिए। राज्यपाल ने समारोह में एसबीएम कॉलेज के 21 पुरातन छात्रों को विद्यालय रत्न सम्मान देकर सम्मानित किया, जो विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत व सेवानिवृत्त हैं । इस दौरान उन्होंने कॉलेज की लाइब्रेरी के लिए एक लाख रुपये की सहायता की घोषणा भी की।
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शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वह भी पुरातन विद्यार्थियों की तरह ही कॉलेज के गौरव को बढ़ाएं। कहा कि उत्तराखंड पहला राज्य है, जिसमें 70 प्रतिशत माध्यमिक और 80 फीसदी प्राथमिक स्कूल सरकारी अनुदान पर चल रहे हैं। कम संख्या वाले स्कूलों को बंद करने की बजाए सरकार उन्हें सुविधायुक्त बनाकर बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने एसबीएम कॉलेज के छात्र-छात्राओं से इसी तरह से स्कूल का नाम देश-प्रदेश में रोशन करने का संकल्प लेने का आह्वान भी किया। इससे पूर्व राज्यपाल ने नगर और ऊंचे मुकाम पर काबिज पुरातन छात्रों की फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
इस मौके पर सांसद रमेश पोखरियाल निशंक, श्री भरत मंदिर के महंत अशोक प्रपन्न शर्मा, श्री भरत मंदिर स्कूल सोसाइटी के सचिव हर्षवर्धन शर्मा, पुरातन छात्र समिति के संरक्षण डा. विजय धस्माना, अध्यक्ष बचन पोखरियाल, स्वर्गाश्रम की नगर पंचायत अध्यक्ष शकुंतला राजपूत, विनय उनियाल, डीबीपीएस रावत, गोविंद सिंह रावत आदि मौजूद थे।

सोशल मीडिया नहीं, शिक्षक देते हैं सही ज्ञान
ऋषिकेश। राज्यपाल डा. केके पाल ने हीरक जयंती समारोह में सोशल मीडिया का युवा पीढ़ी के जीवन में बढ़ते प्रभाव पर कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया से ज्ञान जरूर मिलता है, मगर सही ज्ञान वही होता है, जो शिक्षक देते हैं। कहा कि टीवी, इंटरनेट, व्हाटसएप और सोशल मीडिया से जुड़ना गलत नहीं है, मगर इसके लिए जीवन के असल मकसद को भूला नहीं जाना चाहिए। कहा कि जीवन में ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए छात्र-छात्राओं को अच्छी किताबें पढ़नी चाहिए।
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इन्हें मिला विद्यालय रत्न का सम्मान
ऋषिकेश। एसबीएम इंटर कॉलेज के हीरक जयंती समारोह में राज्यपाल डा. कृष्णकांत पॉल ने कॉलेज में 21 पुरातन छात्रों को विद्यालय रत्न सम्मान से नवाजा। इनमें केंद्रीय संयुक्त सचिव स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सुनील शर्मा, हिमालयन यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. विजय धस्माना, टीडीएस ग्रुप के एमडी अरविंद बलूनी, उत्तरकाशी के जिला जज डीपी गैरोला, भारत गैस प्राधिकरण, नई दिल्ली के उपमहाप्रबंधक लक्ष्मी रमन वर्मा, बदरीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट, कर्नल मुनींद्र किशोर, दून इंस्टीट्यूट के चेयरमैन ओपी भट्ट, वैज्ञानिक राजीव वार्ष्णेय, केंद्रीय संयुक्त आयकर आयुक्त नवीन उपाध्याय, पूर्व एयर मार्शल अरविंद कुमार नागलिया, चेयरमैन यूनाईटेड ग्रुप, चंडीगढ़ राकेश चंद्र बलूनी, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क, गोवा के निदेशक संजय गुप्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल संजय खंडूड़ी, रिटायर्ड कर्नल शूरवीर सिंह थापा, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा, पूर्व एसपी गिरीश चंद्र ध्यानी, नरेंद्र कुमार, नवनीत वार्ष्णेय, एचके भाटिया शामिल थे। उधर समारोह में कॉलेज के पुरातन छात्र अरविंद बलूनी ने विद्यालय को सहायता राशि के तौर पर एक लाख रुपये दिए।
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