देवाल। मोटर मार्ग निर्माण के दौरान वन संपदा को नुकसान पहुुंचाने के मामले में वन विभाग ने लोनिवि पर 21 लाख का जुर्माना लगाया है। वन विभाग की ओर से अब यह रकम लोनिवि से वसूली जाएगी।
एक वर्ष पहले हाटकल्याड़ी-अठठू-बेराधार मोटर मार्ग के कटिंग का काम शुरू किया गया था। सड़क के मलबे के लिए डंपिंग जोन निर्धारित किया गया था, लेकिन लोनिवि ने मलबा डंपिंग जोन में डालकर हाटकल्याड़ी, अठठू, सेलखोला और बेराधार के नाप तथा वन पंचायत भूमि में डाल दिया गया। जनप्रतिनिधियों ने कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत भी की थी लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई अमल नहीं की गई। बाद में ग्रामीणों ने वन विभाग के आला अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी। इस पर 20 दिसंबर 2017 को वन विभाग के वन संरक्षक मान सिंह, बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडे ने लोनिवि के अभियंताओं के साथ इस मार्ग का निरीक्षण कर जांच वन विभाग के रेंजर को सौंपी थी। अमर उजाला ने मलबा डंपिंग जोन में न डालने की होगी जांच खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर का संज्ञान लेने के बाद जांच तेजी से आगे बढ़ी। जांच अधिकारी रेंजर टीएस बिष्ट ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। हाटकल्याड़ी, सेलखोला, अठठू, बेराधार वन पंचायत में मलबा डाला गया है, जिससे पेड़ पौधों के साथ ही वन संपदा को भारी क्षति पहुंची है। लोनिवि की ओर से मलबे को निर्धारित डंपिंग जोन में न डालकर वन पंचायत में डाला गया, जिससे 21 लाख की क्षति आंकी गई है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने के साथ ही लोनिवि से 21 लाख की वसूली की जाएगी। वहीं लोनिवि थराली के एई जेबी जोशी का कहना है कि मार्ग कटिंग का मलबा कुछ स्थानों पर जमा किया गया था, जो बारिश में बह गया होगा। वन विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।