श्रीनगर। सिद्धपीठ कमलेश्वर मंदिर में महंत आशुतोष पुरी ने घृतकमल अनुष्ठान कर लोक कल्याण की प्रार्थना की। मंदिर में घृतकमल अनुष्ठान पौराणिक काल से किया जाता रहा है।
महंत आशुतोष पुरी ने बताया कि घृतकमल अनुष्ठान सर्वप्रथम देवताओं ने शिव भगवान को मनाने के लिए किया था। पौराणिक कथा के अनुसार तारकासुर नाम के राक्षस ने ब्रहमा से वरदान प्राप्त किया था कि उसकी मृत्यु शिव के पुत्र के हाथों होगी, लेकिन शिव अपनी पत्नी सती की मृत्यु के बाद ध्यानमग्न हो गए थे। इससे तारकासुर का आतंक बढ़ता ही जा रहा था। तब देवताओं ने शिव को मनाने के लिए यह अनुष्ठान किया था। अनुष्ठान के तहत शिव को 52 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। पूरे शिवलिंग को घी से ढक कर ब्रहम कमल चढ़ाया जाता है। महंत शिवलिंग के चारो ओर दिगंबर अवस्था में लोट परिक्रमा करते हैं। महंत ने बताया कि अनुष्ठान लोक कल्याण की प्रार्थना के लिए हर वर्ष किया जाता है। घृतकमल अनुष्ठान के दौरान गोवर्धन गिरी, मुकेश चमोली, बीपी चमोली, दीपिका पुरी, प्रीति गोस्वामी राजश्री पुरी आशा बहुगुणा आदि मौजूद थे।