श्रीनगर। हॉस्टल से विद्युत उपकरण जब्त करने, इंटर्न को चार माह से मानदेय न मिलने और जेआर/एसआर की वेतन विसंगति दूर न होने से नाराज मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजीडेंट (जेआर) और इंटर्न डॉक्टर हड़ताल पर चले गए हैं, लेकिन आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य पर समस्या न सुनने का भी आरोप लगाया है।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज के जेआर और इंटर्न सुबह अचानक प्रशासनिक भवन में प्राचार्य से वार्ता करने पहुंचे। प्राचार्य के विभागीय मीटिंग की वजह से ऑफिस में मौजूद न होने पर उन्होंने प्राचार्य कक्ष के बाहर नारेबाजी करते हुए सांकेतिक धरना दिया। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि श्रीनगर पहाड़ी क्षेत्र में है। इसके बावजूद यहां के एसआर और जेआर को हल्द्वानी की तुलना में बहुत कम सैलरी मिल रही है। कई बार प्राचार्य को सूचित किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।
तीन दिन पूर्व प्राचार्य बिना अनुमति जेआर हॉस्टल में घुसे और विद्युत उपकरण जब्त कर दिए। उनके साथ अपराधियों की भांति व्यवहार किया जा रहा है। प्रशिक्षु चिकित्सकों को 4 माह से मानदेय नहीं मिला है। हर बार यही स्थिति आती है। कॉलेज प्रशासन इसमें सुधार नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह तीन दिन से लगातार प्राचार्य को अपनी समस्या बताने आ रहे हैं, लेकिन वह मिलते नहीं है। उन्होंने हड़ताल पर जाने का पत्र बेस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को दे दिया है।
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मैं आउट ऑफ स्टेशन हूं। जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल का मामला मेरी जानकारी में नहीं है। मानदेय शासनादेश के अनुसार मिलता है। हल्द्वानी और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के जेआर की सैलरी का मामला शासन में है। मैं कामकाज के सिलसिले ऑफिस से बाहर रहता हूं। कॉलेज में जो भी कार्रवाई होती हैं, वह शासनादेश के अनुसार होती हैं।
प्रो. सीएम रावत, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर