कांग्रेस जिलाध्यक्ष पर लगा दो लाख का जुर्माना निरस्त
-- सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने जारी किया आदेश, हाईकोर्ट को दोबारा सुनवाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश। उत्तराखंड हाईकोर्ट के ऋषिकेश में कूड़ा डंपिंग के मामले में जनहित याचिकाकर्ता कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयेंद्र चंद रमोला पर लगाए गए दो लाख रुपये के जुर्माने को सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही हाईकोर्ट को कूड़ा डंपिंग के मामले पर दोबारा सुनवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। मामले में रमोला के अधिवक्ता प्रकाश कुमार सिंह के मुताबिक ऋषिकेश निवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष जयेंद्र चंद रमोला की हरिद्वार हाईवे के किनारे कूड़ा डंपिंग करने संबंधी जनहित याचिका में तथ्य छिपाने पर हाईकोर्ट ने बीती 2 जनवरी को उन पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। इस पर रमोला ने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी।
सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, डा. डीवाई चंद्रचूड़ और एएम खानविलकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने हाईकोर्ट के आदेश और रमोला पर की गई टिप्पणियों को गलत मानते हुए उन्हें निरस्त कर दिया। कूड़े के मुद्दे को शीर्ष अदालत ने जीवंत माना और इस पर दोबारा सुनवाई के निर्देश हाईकोर्ट को दिए हैं। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी आदेश को लेकर एक पत्र हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार और डीएम देहरादून आदि को भी भेजा है। गौरतलब है कि उच्च न्यायालय ने बीती दो जनवरी को जयेंद्र रमोला की याचिका खारिज कर उन पर दो लाख रुपये जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने रमोला को दो सप्ताह के भीतर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के वेलफेयर फंड में रकम जमा करवाने के आदेश दिए थे। ऐसा नहीं करने पर रजिस्ट्रार जनरल देहरादून के जिलाधिकारी को राजस्व वसूली के लिए पत्र भेजने की बात भी कही थी।