कर्णप्रयाग। श्री बदरीनाथ धाम के पुजारियों के गांव डिम्मर में रविवार को पौराणिक लक्ष्मी नारायण मंदिर में गाडू घड़ा तेल कलश की पूजा की गई। ब्रह्म मुहूर्त में धर्माचार्यों ने विष्णु सहस्त्रनाम और नामावलियों से श्री लक्ष्मी नारायण और गाड़ू घड़ा तेल कलश की पंचद्रव्यों से महाभिषेक पूजा कर बाल भोग अर्पित किया। पुजारी ज्योतिष डिमरी, मनोज डिमरी, मोहन प्रसाद डिमरी, हेमचंद्र, बुद्धि बल्लभ डिमरी की अगवानी में गाडू घड़ा को लेकर शंखनाद के साथ ही श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर की परिक्रमा की गई। इसके बाद यात्रा ऋषिकेश के लिए रवाना हुई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गाड़ू घड़ा तेल कलश पर पुष्प वर्षा कर दर्शन किए।
श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष सुरेश डिमरी ने बताया कि बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रियाएं शुरू हो गई है। बताया कि गाड़ू घड़ा तेल कलश यात्रा रविवार को ऋषिकेश स्थित बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर धर्मशाला में रात्रि प्रवास करेगी और सोमवार को वसंत पंचमी के पर्व पर नरेंद्रनगर राज दरबार में पहुंचेगी। वहां पौराणिक परंपराओं के अनुसार टिहरी नरेश और महारानी की मौजूदगी में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने और भगवान के महाभिषेक के लिए तिलों के तेल को पिरोने की तिथि घोषित की जाएगी। इस मौके पर डिम्मर उमट्टा पंचायत के अध्यक्ष शैलेंद्र प्रसाद डिमरी, अरविंद डिमरी, शंकर दत्त डिमरी, द्वारिका प्रसाद डिमरी, प्रेम चंद्र डिमरी सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।