श्रीनगर। एनआईटी उत्तराखंड के स्थायी परिसर निर्माण के लिए 17 जनवरी को दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के साथ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत और उच्च शिक्षा (राज्य) मंत्री डा. धन सिंह रावत की वार्ता होगी। वहीं, शुद्ध पेयजल आपूर्ति के लिए एएचपीसीएल वैकल्पिक पेयजल योजना पर तत्काल कार्य शुरू कराने के लिए गढ़वाल कमिश्नर को कार्रवाई करने को कहा गया है। अगर श्रीनगर जल विद्युत परियोजना संचालन कर रही कंपनी योजना निर्माण के लिए बजट नहीं देती है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं राजकीय संयुक्त अस्पताल श्रीनगर के लिए 4 डॉक्टर भेजे जा रहे हैं। जो जल्दी ही कार्यभार ग्रहण कर लेंगे। उक्त जानकारी कैबिनेट मंत्री डा. धन सिंह रावत ने दी।
शुद्ध पेयजल आपूर्ति, संयुक्त अस्पताल श्रीनगर में डॉक्टरों की नियुक्ति और एनआईटी के स्थायी कैंपस के निर्माण की मांग को लेकर प्रजम का आंदोलन जारी है। सोमवार को श्रीकोट में आयोजित पत्रकार वार्ता में कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने कहा कि श्रीनगर विधान सभा क्षेत्र में सभी जगह डॉक्टर नियुक्त करना उनकी प्राथमिकता है। डॉक्टरों की तैनाती में व्यवहारिकता का भी ध्यान रखना होगा। उन्होंने कहा कि एनआईटी के मामले में पिछली सरकार ने 5 साल तक कुछ नहीं किया। सुमाड़ी में सिर्फ 50 एकड़ भूमि उपयुक्त है। जलेथा गांव के लोग भूमि देने को तैयार हैं। डीएम को उनके साथ बैठक करने के निर्देश दिए गए हैं। बेस अस्पताल श्रीनगर में 15 दिन के भीतर कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के आदेश हो जाएंगे। रावत ने बताया कि गढ़वाल आयुक्त को 20 जनवरी से पूर्व पानी के संबंध में बैठक करने को कहा गया है। साथ ही डीएम को निर्देश दिए गए हैं कि एएचपीसीएल को कारण बताओ नोटिस दिया जाए। उन्होंने कहा कि कंपनी को पेयजल योजना निर्माण के लिए धन देना है। आंदोलनकारियों को वहां धरना देना चाहिए। धरना स्थल मेें न जाने की बात पर उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारी बुलाएंगे, तो वह जरूर जाएंगे।