श्रीनगर। विकासखंड कीर्तिनगर की स्यालसौड़-बणतोलीखाल मोटर मार्ग निर्माण को वित्तीय स्वीकृति मिलने पर कीर्तिनगर व भिलंगना ब्लाक के बारह से अधिक गांवों के लोगों में सड़क निर्माण की उम्मीद जगी है। लोनिवि निर्माण खंड कीर्तिनगर की ओर से मार्ग पर पड़ने वाली वन भूमि की पत्रावली तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक समय ऐसा था जब भिलंगना ब्लाक की तहसील व परगना कीर्तिनगर थी। उस समय भिलंगना ब्लाक के लोग तहसील संबंधी कार्यों के लिए कीर्तिनगर की कड़ाकोट पट्टी से होकर पैदल आवाजाही करते थे। इसी कारण कीर्तिनगर की कड़ाकोट व लोस्तु बडियारगढ़ पट्टी के ज्यादातर रिश्ते भिलंगना ब्लाक के चौरा, भटवाडा, मल्लाकोट, भेलगड्डी, चकरेड़ा, हल्टा, जाख, चामी, ठेला, अखोड़ी आदि गांवों में है, लेकिन घनसाली तहसील खुलने के साथ ही इस रास्ते लोगों की आवाजाही कम होने लगी। साथ ही पैदल दूरी ने इन रिश्तों को भी सीमित कर दिया। अब दोनों क्षेत्रों के मध्य पैदल दूरी कम करने के लिए शासन की ओर से स्यालसौड़-बणतोलीखाल 6 किमी मोटर मार्ग की प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। धारपयांकोटी निवासी भगत सिंह राणा व पारकोट निवासी संजीव चौहान बताते है कि उनके परिवार के कई रिश्ते भिलंगना ब्लाक में है। जब वह रिश्तेदारी में जाते है तो उन्हें करीब 100 किमी का सफर तय करना पड़ जाता है। जबकि उनके गांव से उक्त क्षेत्र की पैदल दूरी 10 किमी से भी कम है। बताते है कि अगर सड़क का निर्माण हो जाता तो फिर से दोनों क्षेत्रों के मध्य पहले जैसा माहौल बन जाता।
-उक्त दोनों क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 6 किमी मोटर मार्ग को प्रथम चरण की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। जिस पर वन भूमि की पत्रावली तैयार करने की कार्रवाई चल रही है।
जगमोहन सिंह चौहान, अधिशासी अभियंता लोनिवि निर्माण खंड कीर्तिनगर।