आदिबदरी। भगवान आदिबदरीनाथ मंदिर के कपाट रविवार को मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। ब्रह्म मुहूर्त में तड़के चार बजे मंदिर के मुख्य कपाट पुजारियों द्वारा खोले गए। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान आदिबदरीनाथ के श्रृंगार दर्शन किए।
मंदिर के मुख्य पुजारी चक्रधर थपलियाल ने जैसे ही समूह के मुख्य भगवान आदिबदरीनाथ मंदिर के कपाट खोले, वैसे ही पूरा कस्बा भगवान आदिबदरी नाथ के जयकारों से गूंज उठा। भगवान आदिबदरीनाथ को सप्तसिंधु जल से स्नान कराने के बाद कुमकुम, रौली, चंदन सहित पीत वस्त्र और आभूषणों से भगवान आदिबदरीनाथ का श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद पंचज्वाला आरती की गई। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान आदिबदरीनाथ के श्रृंगार दर्शन किए। सूर्योदय होने के बाद धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वसुधारा जलप्रपात से महिलाओं ने मंदिर परिसर तक जलकलश यात्रा निकाली। यहां साल भर में केवल एक माह (पौष) के लिए मंदिर के कपाट बंद होते हैं।
आदिबदरी में महाभिषेक समारोह हुआ शुरू
लोक कलाकारों ने दी कई जागरों की प्रस्तुतियां
आदिबदरी। आदिबदरीनाथ मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही मंदिर परिसर में सात दिनों तक चलने वाला महाभिषेक समारोह भी शुरू हो गया है। समारोह के मुख्य अतिथि भाजपा के सांस्कृतिक, धर्म एवं पर्यटन प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक टीका प्रसाद मैखुरी ने व्यास आचार्य सोहन प्रसाद खंडूड़ी को व्यास गद्दी पर विराजमान किया। इस दौरान लोक कलाकारों ने नंदा, शिव के जागरों की प्रस्तुतियां भी दी।
मंदिर परिसर में बने गढ़वाल रायफल कीर्तन मंडप में शुरू हुए महाभिषेक समारोह का उद्घाटन करते हुए टीका प्रसाद मैखुरी ने कहा कि धार्मिक मान्यताएं और बदरी, केदार सहित पंच बदरी और पंच केदार यहां की पहचान है। प्रदेश सरकार तीर्थाटन को नई दिशा देने के लिए काम कर रही है। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी ने समारोह के आयोजन को भव्य बनाने के लिए समिति और आयोजन की स्थापना के लिए बीएसएफ के पूर्व कमांडेंट भगवती प्रसाद नवानी को भी याद किया। इस दौरान कर्णभूमि कला मंच के दिनेश बुग्याली ने नंदा तेरी जात पैटण बैठीगे..., अरविंद टम्टा ने कैलाशू मां रैंदा शंभू भोले नाथा... सहित कई लोक जागरों की प्रस्तुतियां दी। समारोह को आयोजित समिति के अध्यक्ष विजयेश नवानी, उपाध्यक्ष विनोद नेगी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर गैणा सिंह, नरेंद्र लखचौरा, सुनील खंडूड़ी, गिरीश डिमरी, नरेश बरमोला, विजय चमोला, अरुण मैठाणी आदि मौजूद थे। ब्यूरो