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बुधवार को सर्दी ने तोड़ा रिकार्ड अधिकतम तापमान 9 डिग्री

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हरिद्वार।
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बुधवार को सर्दी ने इस मौसम के सारे रिकार्ड तोड़ दिए। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। बुधवार को न्यूनतम तापमान 3.1 और अधिकतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंडा का असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है। बाजारों की तरफ कम लोग ही रुख कर रहे हैं और गांवों में किसानों को अपने जरूरी काम निपटाने मुश्किल हो रहे। किसान सुबह के समय पर घर से नहीं निकल पा रहे और शाम जल्द लौट आते हैं। इससे खेतीबाड़ी का काम प्रभावित हो रहा है।
पिछले डेढ़ सप्ताह से कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है, लेकिन बुधवार को ठंड से इस मौसम के सभी रिकार्ड टूट गए। अभी तक मौसम में अधिकतम तापमान 14 डिग्री के आसपास ही दर्ज किया जा रहा था। बुधवार सुबह को भी शहर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। दिन चढ़ने के साथ कोहरा साफ होने की बजाय और घना हो गया। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन न होने से अधिकतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया। न्यूनतम तापमान 3.1 डिग्री दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान नीचे गिरने से रात काटनी मुश्किल रही। रात में पाला भी जमकर पड़ा। कड़ाके की ठंड के चलते सुबह के समय बाजार देर से खुले। बाजार खुले तो बहुत कम लोग ही खरीदारी को आए। व्यापारियों को दिनभर खाली बैठा रहना पड़ा। दिन ढलने के साथ बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा था। शाम होते-होते व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए।
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ग्रामीण क्षेत्र में किसानों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में पाला एकदम बर्फ बन रहा है। इन दिनों गन्ने की कटाई और छिलाई का काम चल रहा है। ठंड से किसान गन्ने की कटाई नहीं कर पा रहे। एनआईएच रुड़की के मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंड में कोई राहत मिलने वाली नहीं है।
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सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
मौसम की बेरुखी से हर वर्ग परेशान है। हाईवे के साथ शहरों की सड़कों पर इन दिनों काफी कम वाहन नजर आ रहे हैं। कोहरे ने भी वाहन चालकों की मुश्किल बढ़ा रखी है। कोहरे और कड़ाके की ठंड में सबसे ज्यादा दिक्कत दोपहिया वाहन चालकों को हो रही है।
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अस्पतालों में भी कम आ रहे मरीज
ठंड के प्रकोप से अस्पतालों में मरीज भी कम आ रहे हैं। जिला अस्पताल में जहां 400 से अधिक ओपीडी होती है अब आधी ही रह गई है। इन मरीजों में सबसे अधिक बच्चे हैं। बच्चों को निमोनिया, सर्दी से खांसी बुखार हो रहा है, इनके इलाज के लिए हही लोग पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर ऋषिकुल और गुरुकुल आयुर्वेद अस्पताल में तो दूर-दूर तक मरीज नहीं दिखाई नहीं दिए।
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