गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, आढ़त बाजार की ओर से सिखों के पांचवें गुरु अर्जुन देव का प्रकाश पर्व शुक्रवार को उत्साह एवं श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सभा की ओर से कथा कीर्तन और शबद गायन से संगतों को निहाल किया।
कीर्तन में भाई चरनजीत सिंह ने ‘जपियो जिन अर्जुन देव गुरु, फिर संकट जौन गर्भ न आयो’ का शबद गायन किया। जबकि भाई गुरदयाल ने ‘ऐसे गुरु को बल-बल जाइये’ का गायन कर संगत को निहाल किया। वहीं श्री अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद हैड ग्रंथी भाई शमशेर सिंह ने कहा कि गुरु अर्जुन देव की वाणी प्रेम-प्यार के विचार देने के साथ ही जात -पात को दूर करती है। भाई गुरदीप सिंह ने कहा कि गुरु अर्जुन देव ने इंसानियत की सेवा श्रद्धा भावना से करने का उपदेश दिया। इस अवसर पर इंग्लैंड से पहुंचे भाई प्रभ कीरत ने गुरु के आदेशों को आत्मसात करने की प्रेरणा दी।
कहा कि परमात्मा एक जोत स्वरूप है जो हर प्राणी में निवास करती है। सभा के महासचिव सेवा सिंह मठारू ने कहा कि गुरु नानकदेव के 550वें प्रकाश पर्व पर गुरु नानक देव के जीवन पर आधारित उनके उपदेशों की कथा शुरू की जाएगी। कार्यक्रम के बाद संगत ने गुरु का लंगर छका। मौके पर सभा के प्रधान राजेंद्र सिंह राजन, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जगमिनदर सिंह छाबड़ा, मनजीत सिंह, सतनाम सिंह, चरनजीत सिंह, जगमोहिंद्र सिंह, जत्थे दार दिलीप सिंह, ईश्वर सिंह, राजेंद्र सिंह, एस चावला, डीएस बिंद्रा, गुरमीत सिंह आदि मौजूद रहे।